चरखी दादरी। नहरी पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों ने नहरों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। पानी की चोरी न हो इसके लिए भी पुलिस की मदद से नहरों पर छापे भी मारे जा रहे हैं। अधिकारी एवं कर्मचारी जलघरों में पानी डलवाने के काम में जुटे हैंं। गर्मी को देखते हुए पानी की कमी न रहे इसके लिए विभाग ने नहरी साइटों की निगरानी बढ़ाई है। 24 दिन बाद पानी मिलने की वजह से सभी जलघर खाली हैं। अब इनमें पानी भरना शुरू हो गया है।
जनवरी में पकड़े थे 500 मामले
नहरों में पांच मार्च को 900 क्यूसिक पानी पहुंचा है। इस समय अधिकतर जलघर खाली हैं। जिले में 60 से ज्यादा जलघर हैं। रबी की फसलों में सिंचाई के लिए भी पानी की इतनी जरूरत नहीं है। जिले का करीब 60 प्रतिशत कृषि क्षेत्र नहरी पानी पर ही निर्भर करता है। इस बार पानी की चोरी होने की भी कम ही संभावना है। जनवरी माह की टर्न में नहरी पानी चोरी के 500 मामले पकड़े गए थे।
168 गांवों में होती है पेयजल आपूर्ति
जिले के 168 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिडिय़ा, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाना है।
जिले में 78 जोहड़ नहरों से जुड़े
जिले की मेन बधवाना, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल प्रमुख हैं। जिले में 78 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं। जिले में नहरी पानी की बारी 24 दिन मेंं आती है। पिछली बार में भी पर्याप्त मात्रा में पानी मिला था। आने वाले गर्मी सीजन को देखते हुए इस बार सभी जोहड़ व जलघर पानी से लबालब करने की जरूरत है। आने वाले दिनों में पानी की खपत दिन प्रतिदिन बढ़ने वाली है। सिंचाई विभाग अधिकारियों के अनुसार इस बार भी पानी पर्याप्त मात्रा में मिला है। जलघरों में पर्याप्त पानी डाला जाएगा।
वर्सन:
पर्याप्त मात्रा में पानी मंगवाया गया है। 900 क्यूसिक पानी की मांग की थी। जलघरों को प्राथमिकता से भरा जा रहा है। 16 दिन के लिए पानी मिला है तब तक सभी जलघर भर दिए जाएंगे। नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी।- सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।