गांव छपार स्थित राजकीय बहुतकनीकी संस्थान।
चरखी दादरी। जिले के छह शिक्षण संस्थानों में वन विभाग की ओर से मियावाकी पद्धति से वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। सभी छह संस्थानों का चयन शिक्षा विभाग ने कर लिया है और इनमें छपार बहुतकनीकी संस्थान समेत 5 राजकीय स्कूल शामिल हैं। वन विभाग की ओर से उच्च अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजी गई है और जल्द अनुमति मिलने की संभावना है।
बता दें कि विधायक सुनील सांगवान ने इसके लिए शिक्षा विभाग से अधिक जमीन वाले स्कूलों का ब्योरा मांगा था। अब शिक्षा विभाग की ओर से पांच स्कूलों की सूची तैयार कर वन विभाग को दी गई है। इनके अलावा छपार स्थित बहुतकनीकी संस्थान में भी मियावाकी पद्धति से वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। वन विभाग ने सभी स्कूलों से जमीन की डिटेल के अनुसार रिपोर्ट तैयार की है व स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजी है।
चयनित राजकीय स्कूलों की बात करें तो गांव बिरहीकलां, उण, रानीला, रावलधी व नरसिंहवास गांव स्थित राजकीय स्कूल का मियावाकी पद्धति से वन क्षेत्र विकसित करने के लिए चयन किया गया है। इनमें बिरहीकलां गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की कुल भूमि 7 एकड़ है जबकि 1 एकड़ में मियावाकी पद्धति से वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। नरसिंहवास स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला की 5 एकड़ भूमि है और इसमें भी 1 एकड़ भूमि विभाग मियावाकी के लिए चयन करेगा।
वहीं, गांव रावलधी स्थित राजकीय उच्च विद्यालय की कुल भूमि 5.6 एकड़ है जबकि 3.6 एकड़ में मियावाकी पद्धति से वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
इसी तरह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उण की कुल भूमि क्षेत्र 11 एकड़ है जबकि मियावाकी के लिए 3 एकड़ का चयन किया है। रानीला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 9 एकड़ में से 3 एकड़ भूमि में पौधरोपण होगा।