कर्मचारियों की ओर से मांगों के लिए तैयार की गई रणनीति, घर-घर जाकर कर रहे कर्मचारियों का पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सभी विभागों, बोर्डो, निगमों, नगर निगमों, विश्वविद्यालयों में कार्यरत मिनिस्टि्रयल स्टाफ का साझा संगठन हरियाणा मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन पिछले दो दशक से वेतनभत्तों व अन्य मांगों को लेकर आंदोलनरत है। सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। अब कर्मचारी 15-16 फरवरी को सीएम कैंप ऑफिस कुरुक्षेत्र में आंदोलन करेंगे।
केंद्रीय कमेटी की ओर से हितेंद्र सिहाग, जगमेंद्र सिंह, सतबीर स्वामी, प्रवीण मोर, अमित बूरा, मुकेश खरब, मनीष घणघस ने बताया कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग में कम से कम 16,900 और सबसे अधिक 1,82,200 रुपये वेतन निश्चित किया गया था। इसका अनुपात लगभग 1:14 बनता है। इसे कम करके 1:7 किया जाए। इस अनुसार ग्रुप-डी 26 हजार रुपये वेतन का पात्र बनता है।
मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार, सातवें वेतन आयोग में लिपिक/स्टेनो टाइपिस्ट का वेतन 35,400, एसडीसी 39,900, सहायक/आंकड़ा सहायक, एडब्ल्यूबीएम, स्टेनोग्राफर 44,900, उपाधीक्षक 47,600, अधीक्षक 56,100 का हकदार बनता है। लेकिन लगातार इससे वंचित किया जा रहा है। अब कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाल, खाली पदों पर स्थायी भर्तियां व पदोन्नतियां, हरियाणा का अलग वेतन आयोग का गठन किया जाए, पांच हजार रुपये अंतरिम राहत, योग्यता अनुरूप उच्च पदों पर समायोजन, एसीपी 5-10-15 प्रमोशनल पदानुसार, एसईटीसी में छूट, एक्सग्रेसिया नीति में लगाई गई शर्त हटाईं जाएं समेत अपनी अन्य मांगों के लिए प्रदर्शन करेंगे।