चरखी दादरी। शहर में बेपटरी सीवर और पेयजल व्यवस्था का मुद्दा गर्माया हुआ है। शुक्रवार से जहां गण्यमान्य लोगों ने समस्याओं के समाधान के लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया तो शनिवार को नगराधीश अमित मान की मौजूदगी में जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी से वार्ता कर समाधान के लिए प्लान का ब्योरा मांगा। 40 मिनट की मंत्रणा के दौरान दोनों पक्षों में गहमागहमी की स्थिति भी बनी। नगराधीश ने स्थिति को संभालते हुए गण्यमान्य लोगों के प्रतिनिधिमंडल की मांग के अनुरूप शहर को तीन जोन में बांटने की सहमति बनी। इसके लिए अब छह टीमों का गठन करने के निर्देश जनस्वास्थ्य विभाग को दिए। इस दौरान विभागीय लापरवाही के कुछ ऐसे पहलू भी उजागर हुए जिस पर नगराधीश ने जवाब भी तलब किए।
निवर्तमान पार्षद रवींद्र गुप्ता और प्रदेश सब्जी मंडी एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन जांघू की अगुवाई में शनिवार को गण्यमान्य लोग करीब 11 बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचे। वहां नगराधीश अमित मान के अलावा जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी के एसडीओ व नगर परिषद के जेई मौजूद रहे। 11:15 पर बैठक शुरू हुई। शुरुआत में रविंद्र गुप्ता ने सीवर और पेयजल समस्याओं का स्थायी समाधान और इसके लिए शहर को चार जोन में बांटकर टीमें गठित करने की मांग की। साथ ही दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात दिलाने के लिए अब तक बनाए एस्टीमेट की जानकारी भी मांगी। उन्होंने सीवर समस्याओं के समाधान के लिए बनाए जा रहे एस्टीमेट का स्टेट्स भी जाना।
इस पर जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन रोहित कुमार ने बताया कि जर्जर पेयजल लाइनें बदलने का एस्टीमेट तैयार हो गया और इसे अगले सप्ताह हेड ऑफिस भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही सीवर लाइनें बदलने का एस्टिमेट अगले सप्ताह तक तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने शहर को जोन में बांटने की मांग मान ली। दोनों पक्षों को सुनने के बाद नगराधीश ने शहर को तीन जोन में बांटने और छह टीमें गठित करने के आदेश दिए। प्रतिनिधिमंडल ने 31 जुलाई तक परिणाम सामने न आने पर आंदोलन के तहत अगला कदम उठाने की चेतावनी दी।
सीवर के लिए तीन तो पेयजल समस्याओं के लिए बनाई जाएंगी दो टीमें
सीवर समस्याओं के समाधान के लिए तीन टीमें बनाई जाएंगी। ये टीम जेई के निर्देशानुसार शिकायतों का निवारण करेंगी, जबकि एसडीओ की जिम्मेदारी भी तय होगी। इसी प्रकार पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए दो टीमें बनाई जाएंगी, जो तीनों जोन की पेयजल संबंधी समस्याओं का समाधान करेंगी। एक टीम सर्वे के लिए बनाई जाएगी, जो समस्याओं का पता लगाकर जानकारी संबंधित टीम को देगी।
14 दिन में एक हजार सीवर मैनहोल साफ करने की मांग पर अड़े रवींद्र गुप्ता
बैठक के दौरान नगराधीश की मौजूदगी में निवर्तमान पार्षद रविंद्र गुप्ता ने 31 जुलाई तक शहर के एक हजार सीवर मैनहोल साफ करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शहर में 21 वार्ड हैं, जिनमें दो हजार से अधिक सीवर मैनहोल हैं। अगर जनस्वास्थ्य विभाग 31 जुलाई से पहले 50 फीसदी मैनहोल साफ करवा देता है, तो भी काफी हद तक सीवर समस्याओं का समाधान हो जाएगा। हालांकि उनकी इस मांग को पूरा करने में एक्सईएन ने असमर्थता जताई।
यहां विभागीय लापरवाही हुई उजागर, नगराधीश ने मांगा जवाब
लोहारू रोड पर पीएनबी वाली लाइन में एक तरफ सीवर लाइन ही विभाग ने नहीं डाली और लोग शौचालय व घर के दूषित पानी की निकासी नाले में कर रहे हैं। इस नाले से निकासी के लिए प्रबंध तक नहीं हैं। कॉलेज रोड पर पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाए नाले में निर्माण के बाद से ही दूषित पानी की निकासी नहीं हुई है। इस नाले के पानी की निकासी के लिए विभाग की तरफ से कनेक्शन तक नहीं करवाया गया है। इन खामियों पर नगराधीश ने पीडब्ल्यूडी एसडीओ से जवाब भी तलब कर लिया।
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वर्जन::
सीवर और पेयजल समस्याओं के निवारण के लिए शहर को तीन जोन में बांटने पर सहमति बनी है। जल्द ही टीमों के गठन और उनके मोबाइल नंबर की जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी, ताकि लोग सीधा उनसे संपर्क कर समस्याओं का निराकरण करवा सकें।
अमित मान, नगराधीश