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तनावमुक्त और संतुलित जीवन की कुंजी है ध्यान : वसुधा

Sun, 22 Dec 2024 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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झोझूकलां/कादमा। ध्यान तनावमुक्त और संतुलित जीवन की कुंजी है। इसी से व्यक्ति अपने मन और विचारों को नियंत्रित करता है। ये उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा में प्रथम अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा ने व्यक्त किए।
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उन्होंने कहा कि मेडिटेशन यानी ध्यान मानसिक, शारीरिक और आत्मिक शांति प्राप्त करने की रामबाण औषधि है। यह मन और आत्मा को शांत करने की प्राचीन विधि है। ध्यान एक साधना नहीं बल्कि हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे हमारे विचार सकारात्मक और सशक्त बनते हैं।
ब्रह्माकुमारी ज्योति ने ध्यान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ध्यान एक ऐसी विधि है, जिससे व्यक्ति का मन एक बिंदु और श्वांस पर केंद्रित हो सकता है। साथ ही मंत्र जाप या किसी दिव्य शक्ति का ध्यान करने में भी यह विधि सहायक रहती है। ब्रह्माकुमारीज में सिखाए जाने वाले राजयोग अैर ध्यानाभ्यास से आत्मा का सशक्तीकरण होता है।
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वहीं, इससे मन को शांति मिलती है और आत्मविश्वास बढ़ता है। राजयोग के नियमित अभ्यास से नकारात्मक भावनाओं से मुक्ति सकारात्मक दृष्टिकोण और मानसिक स्थिरता प्राप्त होती है। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने ध्यान का अभ्यास किया। योग इंस्ट्रक्टर सतवेंद्र शर्मा ने भी ध्यान की जानकारी दी।

क्षणभर में मन को शांत करती है ध्यान मुद्रा : विकास राणा

चरखी दादरी। आज हम आपाधापी भरा जीवन जी रहे हैं। दिमाग में इतनी उधेड़बुन चलती रहती है कि तनाव कम करने की स्थिति नहीं आ पाती है। ये बातें भारत स्वाभिमान न्यास जिला प्रभारी व हरियाणा योग आयोग जिला कोऑर्डिनेटर विकास राणा ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस पर लोगों को योग करवाते हुए कहीं। शनिवार सुबह उन्होंने प्रेम नगर में अपनी दैनिक निशुल्क योग कक्षा आयोजित की। इसमें प्रथम अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस पर विभिन्न योग गतिविधियां करवाई गईं। विकास राणा ने योग व ध्यान से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से अवगत करवाया। योग साधकों को ध्यान की मुद्राएं और उनको करने का तरीका व किस मानसिक स्थिति में अधिक कारगर हैं, इसकी जानकारी दी। इनका दैनिक जीवन में अभ्यास करना चाहिए। मन मस्तिष्क में उठने वाले विचारों के बवंडर भी कुछ क्षण में ही खत्म हो जाते हैं। इस दौरान महिला पतंजलि योग समिति जिला प्रभारी पूनम, नीतू, ललिता, डाॅ. सुनीता, संतोष, राधा आदि मौजूद रहीं।
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