चरखी दादरी। किसान आंदोलन के समर्थन में नेशनल हाईवे 152-डी के पास जनसंगठनों का धरना रविवार को दसवें दिन भी जारी रहा। जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने धरनास्थल पर 14 मार्च के दिल्ली कूच की तैयारियों पर मंथन किया। इसके साथ ही जिले के सभी जनसंगठनों से 15 मार्च तक एकजुट होने का आह्वान किया गया। रविवार को धरनास्थल पर लोगों की संख्या अधिक रही।
फौगाट खाप-19 के प्रधान बलवंत नंबरदार ने धरने को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सभी संगठनों को अब एक मंच पर आना होगा और 15 मार्च से पहले ये प्रक्रिया अवश्य पूरी करें। इससे किसान आंदोलन को गति मिलेगी। उन्होंने महापंचायत में धरने पर किसानों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एसकेएम को भी आंदोलन के लिए एक ही आदेश जारी करना चाहिए।
फौगाट खाप के सचिव सुरेश फौगाट ने कहा कि भाजपा और आरएसएस का चेहरा बेनकाब हो गया है। अब देश की सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का काम जोर-शोर से चल रहा है। बड़े-बड़े बंदरगाहों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और अस्पतालों को निजी कंपनियों को बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कूच करने से किसानों को कोई ताकत नहीं रोक सकती। एमएसपी गारंटी कानून और किसान खेतिहर मजदूरों का कर्जा माफी उनका अधिकार है और अधिकारों के लिए शांतिपूर्वक आवाज उठाना कोई गुनाह नहीं है।
सर्वजातीय सांगवान खाप पंचायत के प्रवक्ता रणधीर घिकाड़ा ने कहा कि किसानों पर पीढ़ी दर पीढ़ी कर्ज बढ़ रहा है और हर साल एक लाख किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्हाेंने सभी किसानों से 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एकत्र होने का आह्वान किया।
- ये भी रहे मौजूद
धरनास्थल पर कामरेड ओमप्रकाश, किसान सभा से रामफल देशवाल, रणधीर कुंगड़, जोरावर सिंह, राजू मान, कृष्ण फौगाट, धर्मवीर, नरेश, महेंद्र, संदीप और शिवकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।