चरखी दादरी। नूंह हिंसा के विरोध में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने बुधवार दोपहर बाद रोज गार्डन में बैठक की। बैठक में नूंह हिंसा के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई। वक्ताओं ने प्रशासन से रोहिंग्या को जिले से निकाले जाने की वकालत की है। बैठक के जरिये सभी ने एकजुट होकर देशविरोधी ताकतों का मुखालफत करने की अपील की। इसके बाद, संगठनों के सदस्यों ने एसडीएम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सीएम मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य संगठनों व शहर के मौजिज लोगों ने पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार बैठक की। बैठक में वक्ताओं ने नूंह हिंसा को समाज व देश के लिए घातक बताया। इतना ही नहीं नूंह में हुई हिंसा के प्रत्यक्षदर्शियों ने आपबीती जाहिर की तो कुछ लोगों की आंखों में आंसू तक आ गया। बैठक के जरिये सभी ने एकजुट होकर देश विरोधी ताकतों का मुकाबला करने की अपील की।
दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों की बैठक के मद्देनजर जिला और पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। रोज गार्डन की सुरक्षा में बीस से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे, जबकि कृषि विभाग बौंदकलां के एडीओ जितेंद्र कुमार बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौके पर मौजूद रहे। करीब सवा चार बजे एसडीएम नवीन कुमार और डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार बैठक स्थल पर पहुंचे और वहां उन्हें ज्ञापन सौंपा गया।
इससे पूर्व, पार्षद विनोद सिंहमार ने कहा कि दादरी में रोहिंग्या परिवारों की संख्या बढ़ती जा रही है। वो सरकारी जमीन पर अपनी झुग्गियां डालकर रह रहे हैं और उस क्षेत्र पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। विनोद सिंहमार ने कहा कि जब उन्होंने अपने वार्ड की स्थिति जांची तो एक रोहिंग्या मिला, जिसके दस्तावेज भी बने हुए हैं। इस तरह के अनगिनत मामले हैं। विनोद सिंहमार की बात काटते हुए सामने बैठे लोगों ने कहा कि पार्षदों ने अपनी वोट के लिए रोहिंग्या लोगों के दस्तावेज तक बनवा डाले।
दादरी प्रशासन के समक्ष रखीं ये मांगें
शहर के परशुराम चौक के समीप चल रही मीट शॉप को बंद करवाया जाए। इसके अलावा शहर में रह रहे रोहिंग्या लोगों की झुग्गियों में सर्च ऑपरेशन चलाया जाए। प्रशासन जल्द ये कार्रवाई नहीं करता तो फिर लोग अपने स्तर पर ये काम करने को विवश होंगे।
- सरकार से की ये मांगें
. नूंह हिंसा की उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच करवाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
. हिंसा में मरने वालों के परिवारों को एक करोड़ व घायल को 20 लाख रुपये दिए जाएं।
वाहन फूंकने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों की पहचान कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
प्रशासन को झुग्गियों में सर्च ऑपरेशन चलाना चाहिए।
आपबीती बताते समय भावुक हुए वक्ता, बोले- बमुश्किल से बची जान
सही समय पर झुक गई वरना खोपड़ी के पार होती गोली
नूंह जलाभिषेक यात्रा में भाग लेने गई प्रियंका प्रजापत ने बताया कि उपद्रवियों की हमें ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की साजिश थी। मंदिर से बाहर निकलते ही हमारे ऊपर फायरिंग हुई। गनीमत रही कि सही समय पर नीचे बैठ गई वरना गोली मेरे सिर के आरपार होती। हिंसा का वो मंजर कभी नहीं भूल सकती।
मंदिर के अंदर खत्म हुआ पानी, बाहर निकले तो बरसीं गोलियां
गोपालवास निवासी अमित ने बताया कि वो भी नूंह में आयोजित जलाभिषेक यात्रा में भाग लेने गया था। ये हिंसा सुनियोजित थी और यात्रा में शामिल श्रद्धालु चार घंटे तक मंदिर के अंदर कैद रहे। अंदर पानी भी खत्म हो गया और बाहर निकलते ही पहाड़ियों पर बैठे उपद्रवियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी में फायरिंग हुई।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में स्वामी सच्चिदानंद, एडवोकेट जीतराम गुप्ता, रोशनी शर्मा, संदीप छपारिया, रविदास सभा से केदारनाथ सरोहा, अग्रवाल सभा से सतीश बजाज, नवीन योगी, पार्षद नवीन प्रजापत, बालाराम सैनी व सुधीर समेत करीब 100 से अधिक लोग मौजूद रहे।
रोहिंग्या समुदाय के लोगों की बात संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशासन के समक्ष रखी है। इस मांग पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन संबंधित एजेंसी से मामले की जांच करवाएगा।
नवीन कुमार, एसडीएम, चरखी दादरी