तहसील कार्यालय में पाबंदी के बावजूद हुईं ऑफलाइन रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड की जांच दूसरे दिन भी जारी रही। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को जांच में कई खामियां मिली हैं। हालांकि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते का कहना है कि जांच पूरी होने में अभी दो-तीन दिन का समय और लग सकता है। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।
तहसील कार्यालय में पाबंदी के बावजूद की गईं जमीनी रजिस्ट्रियों की जांच मुख्यमंत्री उड़नदस्ता कर रहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने तहसील कार्यालय पहुंचकर 120 ऑफलाइन रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिया था। सोमवार देर रात तक मुख्यमंत्री उड़नदस्ता दादरी में डटा रहा और फाइलों की जांच की गई। अभी तक जांच में पांच तरह की खामियां उजागर हुई हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते में शामिल अधिकारियों की मानें तो जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि और कहां कहां व क्या अनियमितताएं बरती गईं।
किसी में तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं तो किसी पर नहीं क्रमांक संख्या
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते में शामिल एसआई अनूप ने बताया कि ऑफलाइन रजिस्ट्रियों में न केवल कटिंग की गई है, बल्कि कुछ रजिस्ट्री में तो तहसीलदार के हस्ताक्षर ही नहीं है। इसके अलावा तारीख में कटिंग मिली हैं और कुछ फाइलों में तो रजिस्ट्री की तारीख ही नहीं डाली गई। इसके अलावा कुछ फाइलों में क्रमांक संख्या तक सही नहीं है।
जांच का दायरा बढ़ा सकता है मुख्यमंत्री उड़नदस्ता
सूत्रों के अनुसार विभिन्न प्रकार की खामियां उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता अपनी जांच का दायरा बढ़ा सकता है। तहसील कार्यालय में हुुईं अन्य रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड भी जांच के लिए मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ले सकता है। इसी के तहत तहसील कार्यालय में हुईं रजिस्ट्रियों के कुछ और पहलुओं पर रिकॉर्ड मांगा गया है।
ऑफलाइन रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड की जांच में कई तरह की खामियां सामने आई हैं। हमने जांच का दायरा बढ़ाने के लिए और भी रिकार्ड मांगा है। जांच पूरी होने में अभी और समय लग सकता है और इसके बाद जांच रिपोर्ट एडीजीपी को सौंपी जाएगी।
अनूप सिंह, एसआई, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता