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गरीबों और शोषितों के मसीहा थे महात्मा ज्योतिबा फुले : बलराज

Mon, 13 Apr 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। दादरी के कबीर नगर स्थित धर्मशाला में शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। बलराज खरेरा एवं महेश सुरलिया के नेतृत्व में महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा उनके सम्मान में नारे लगाए गए।
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इस अवसर पर बलराज खरेरा ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले गरीबों और शोषितों के मसीहा थे। महात्मा ज्योतिबा फुले ने जातिवाद और छुआछूत के खिलाफ जंग लड़ी। वे बाल-विवाह के विरोधी और विधवा-विवाह के समर्थक थे। उन्होंने सती प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। उस समय महिलाओं को पढ़ने-लिखने की इजाजत नहीं थी लेकिन महात्मा ज्योतिबा फुले ने सावित्रीबाई को पढ़ने-लिखने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने ऐसे समय में महिलाओं की शिक्षा के लिए लड़कर भारतीय इतिहास का रुख बदला, जब लड़कियों को पढ़ने का अधिकार नहीं था। उनका संघर्ष केवल शिक्षा तक सीमित नहीं था बल्कि समानता और मानवता के लिए भी था। उनका जीवन दृढ़ संकल्प, समानता और सामाजिक न्याय का उदाहरण है जो हर किसी को प्रेरित करता है। इस अवसर पर राजू प्रधान, रामधन, मोनू, मंजीत, कृष्ण फौजी, सूरज, राज, विष्णु, पंकज, लाजवंती, सुनीता, मुन्नी, सुमित्रा आदि भी मौजूद रहे।
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