सिटी थाने में खड़ीं बरामद की गई चोरी की लग्जरी गाड़ियां।
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फर्जी आरसी बनवाकर चोरी की लग्जरी गाड़ियां बेचने वाले रैकेट से जुड़े लोगों को जेल पहुंचाने में अब खरीददार ही मददगार बनेंगे। एसटीएफ ने गिरोह से गाड़ियां खरीदने वाले 20 लोगों को गवाह बनाया है। खरीददारों ने पूछताछ के दौरान कई राज भी उजागर किए हैं। ज्यादातर ने बताया कि गिरोह में शामिल आरोपियों ने गाड़ियां ऑक्शन में खरीदने की बात कहकर उन्हें बेची है। हालांकि अभी एसटीएफ नागालैंड में छिपे चोर गिरोह तक नहीं पहुंच पाई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।
एसटीएफ इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि जाने-अनजाने में गिरोह से चोरी की लग्जरी गाड़ियां खरीदने वाले लोग अदालत में रैकेट से जुड़े लोगों के खिलाफ आरोप सिद्ध करेंगे। ऐसे करीब 20 गवाह तैयार किए हैं जिनके पास से गिरोह द्वारा बेची गईं चोरी की लग्जरी गाड़ियां बरामद हुई हैं। एसटीएफ अब तक 31 फर्जी आरसी वाली गाड़ियों के असली मालिक का पता लगा चुकी।
ऑनलाइन की थी खरीददारों ने पेमेंट : जिन लोगों से अब तक यह गाड़ियां रिकवरी की हैं उन्हें एसटीएफ ने नोटिस भेजकर गाड़ी खरीदने संबंधी जवाब मांगा था। उन्होंने नोटिस के जवाब में गाड़ी खरीदने की जानकारी थी। खरीददारों ने बताया था कि उन्होंने पेमेंट बताए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की थी।
पुलिस थानों से गाड़ियां खरीदने की कहते थे बात : एसटीएफ इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि जिन लोगों ने चोरी की लग्जरी गाड़ियां रैकेट से खरीदी हैं उन्हें झूठ बोलकर यह गाड़ियां सस्ते दामों पर बेची गई। गाड़ियां बेचने वालों ने पुलिस थानों से ऑक्शन में गाड़ी खरीदने के बाद आरसी बनवाने की बात खरीददारों से कही। गिरोह गाड़ियों की सर्विस कंपनी की बजाय गैराज पर कराने की शर्त भी खरीददार के सामने रखता था।
अब तक चोरी की 53 गाड़ियां बरामद की जा चुकी हैं। रैकेट से गाड़ियां खरीदने वालों को हमने गवाह बना लिया है। 31 फर्जी आरसी वाली गाड़ियों के असली मालिकों तक हम पहुंच चुके हैं। मामले की जांच जारी है और जल्द ही चोर गिरोह को दबोच लिया जाएगा। -सतीश देशवाल, इंस्पेक्टर, एसटीएफ।