लोहारू नहर पर गांव बिरही कलां के समीप 10 एकड़ में रिजर्व वायर (टैंक) बनेगा। इस टैंक से एक साथ तीन फायदे मिलेंगे। बारिश के दौरान नहर के ओवरफ्लो होने पर इस टैंक में पानी उतारा जा सकेगा। वहीं इसमें मछली पालन किया जाएगा। जबकि यहां पानी भरने से क्षेत्र के भूजल स्तर में सुधार होगा। सिंचाई विभाग इस प्रोजेक्ट पर 1.50 करोड़ का खर्च करेगा। अगले पंद्रह दिनों में यहां काम शुरू हो जाएगा।
बताते चले कि जिले में लोहारू कैनाल मुख्य नहर है। इस नहर का अंतिम छोर लोहारू के समीप पड़ता है। नहर के घिकाड़ा पंप हाउस पर 35 मोटर पंप सेट लगे हैं, जिनके जरिये 900 क्यूसिक तक पानी का उठान हो जाता है। बारिश के सीजन मेेें कई बार पीछे से ज्यादा पानी छोड़े जाने पर नहर ओवरफ्लो हो जाती है। ऐसी स्थिति में पानी खेतों में भर जाता है, जिससे फसलें खराब हो जाती हैं। इतना ही नहीं आसपास के कई गांवों में भी पानी घुस जाता है जिससे बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। इस पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है। विभाग ने गांव रावलधी के समीप भी रिजर्व टैंक बना रखा है उसी पैटर्न पर यह नया टैंक बनाया जाएगा। करीब 10 एकड़ जमीन पर यह टैंक बनना है।
मछली पालन भी कर सकेंगे किसान
जो भी किसान मछली पालन करना चाहेंगे वे सरकार व विभाग की अनुमति से इस टैंक में मछली पालन का व्यवसाय भी कर सकेंगे। नहर के समीप होने की वजह से मछली पालन में पानी की कमी भी नहीं रहेगी। ऐसे में इच्छुक लोग मछली पालन का धंधा कर सकेंगे।
बारिश से पहले काम पूरा होगा
प्रोजेक्ट को सरकार की ओर से मंजूरी मिल गई है। इस प्रोजेक्ट पर 1.50 करोड़ का बजट खर्च होगा। इसके लिए टेंडर अलॉट हो गए हैं। करीब 15 दिन में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। आने वाले बारिश सीजन से पहले से यह काम पूरा होना है। बारिश सीजन में कई बार तो हालात खराब हो जाते हैं। नहर ओवरफ्लो होने से आसपास के गांवों मेें पानी भर जाता है जिससे प्रशासन के लिए भी मुश्किल पैदा हो जाती है। यह वाटर टैंक बनने से प्रतिकूल परिस्थितियों में पानी को स्टोरेज किया जा सकेगा।
इस प्रोजेक्ट की सरकार ने मंजूरी दे दी है। बारिश सीजन से पहले यह काम पूरा कर लिया जाएगा। मछली पालन में भी यह टैंक सहायक होगा। इसके लिए कागज प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 15 दिन में काम शुरू हो जाएगा।
- राहुल छिल्लर, एसडीओ, सिंचाई विभाग