चरखी दादरी। जिले की नहरों में मंगलवार को केवल 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि सिंचाई विभाग ने 930 क्यूसेक पानी की मांग भेजी थी। नतीजतन, जलघर और जोहड़ सूखने की स्थिति में पहुंच गए हैं और इसके कारण क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इतनी कम मात्रा में छोड़ा गया पानी दादरी तक पहुंचने में भी मुश्किल हो सकती है, क्योंकि पानी का प्रवाह बहुत कम है। उनका कहना है कि पानी की आपूर्ति जल्द बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन इस समय जिले को कम से कम 900 क्यूसेक पानी की आवश्यकता है। फिलहाल जलघर और जोहड़ सूख चुके हैं और लोग 500 रुपये में पानी के टैंकर खरीदने के लिए मजबूर हैं।
पानी की आपूर्ति पर पड़ा असर
जलघर व जोहड़ सूखने से स्थानीय निवासी और पशुपालक चिंतित हैं। जनस्वास्थ्य विभाग शहर के दो जलघरों की पेयजल क्षमता बढ़ाने के लिए काम कर रहा है, लेकिन पानी की आपूर्ति में संतुलन और समयसारणी बिगड़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। पानी स्टोर करने के लिए पर्याप्त टैंक की कमी भी महसूस की जा रही है।
किसानों ने किया विरोध
नहरी पानी की कमी से किसान भी परेशान हैं। उन्होंने लोहारू कैनाल नहर पर इकट्ठा होकर विरोध जताया। किसान करण सिंह सांगवान, बंसीलाल, राजेंद्र सिंह, हार्दिक सांगवान और पप्पू पंडित का कहना है कि पिछले एक महीने से नहरें सूखी पड़ी हैं और पानी न मिलने से उनकी फसलें सूखने लगी हैं। प्रदेश महासचिव रणबीर घिकाड़ा ने कहा कि किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
मंगलवार को मेन हेड से 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी की मात्रा काफी कम है। एक-दो दिन में पानी की मात्रा बढ़ने की उम्मीद है। हम 930 क्यूसेक पानी की मांग भेज चुके हैं, जैसे ही पानी दादरी की नहरों में पहुंचेगा, जलघर भरे जाएंगे। - हरवीर सिंह,एसडीओ, सिंचाई विभाग।