चरखी दादरी। जिले की मंडियों में बारदाने की उठान प्रक्रिया कछुआ गति से चल रही है। इधर, मौसम करवटें बदल रहा है। अब मंडियों में शेड फुल हो चुका है। उठान के अभाव में अनाज से भरे बैग खुले में रखे हुए हैं। अब तक मंडियों से कुल 69.52 फीसदी सरसों जबकि 64.89 फीसदी गेहूं की उठान हुई है।
जिले की मंडियों में अनाज रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। जैसे-तैसे करके काम चलाया जा रहा है। दादरी मंडी की बात करें तो इसमें पांच शेड बनाए गए हैं। लेकिन, सभी शेड फुल हो चुके हैं। अधिकतर अनाज बाहर खुले में ढेरियों व बोरियों में पड़ा हुआ है।
बारिश व आंधी के समय आढ़तियों को अधिक नुकसान होने का खतरा है। अनाज भीगने से भी मोटा नुकसान होगा। फिलहाल, आढ़ती तिरपाल ढककर अनाज को बचा रहे हैं। तीन दिन पहले हुई बारिश में किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, तेज आंधी व बारिश में कई बार तिरपाल उखड़ जाते हैं। इससे अनाज बारिश में बह जाता है।
अप्रैल माह में हुई बारिश में दादरी मंडी में तिरपाल उड़ने से ढेरी की सरसों बह गई थी। जबकि बोरियों में भी पानी भरने के कारण सरसों में नमी आ गई थी।
बात करें मंडियों के अनुसार तो अब तक जिले की मंडियों में 7,48,799 क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है जबकि इसमें से एजेंसी ने 7,43,104 क्विंटल सरसों की खरीद की है। वहीं, एजेंसी ने 5,16,615 क्विंटल सरसों की उठान की है। अब मंडी में 2,25,489 क्विंटल सरसों शेष रखी है। इसी तरह, 5,08,282 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। 4,76,145 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। वहीं 3,08,961 क्विंटल गेहूं की उठान हुई है जबकि 1,67,184 गेहूं अभी मंडियों में पड़ा हुआ है। सभी मंडियों में अभी 27 से 32 फीसदी सरसों उठान के इंतजार में है।
इसी तरह, गेहूं की स्थिति देखें तो दादरी मंडी में 57.5 फीसदी, बाढड़ा मंडी में 88.4 फीसदी, झोझूकलां में 81.9 फीसदी, बौंदकलां में 60.1 फीसदी, छपार में 66.9 फीसदी और बेरला में 96.5 फीसदी गेहूं की उठान हो चुकी है। इनमें अभी तक 4 से 40 फीसदी अनाज की अभी उठान होनी बाकी है।
गोदाम में श्रमिकों की कमी है। इसके कारण मंडी से लोड किया गया अनाज जल्दी नहीं उतर पा रहा है। वाहन भी वापसी करने में देरी हो जाती है। मंडियों में उठान प्रक्रिया धीमी चल रही है। अगर श्रमिक अधिक हों तो उठान प्रक्रिया में तेजी आ जाएगी।
-राजेश कुमार, सहायक प्रबंधक, हैफेड