अमर उजाला एक्सूलूसिव:
- बिगोवा गांव में 4 सितंबर 2020 को पारिवारिक जमीन विवाद में युवक की चाकुओं से वार कर की गई थी हत्या, पांच लोगों पर दर्ज हुआ था केस, एक की ट्रायल के दौरान हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। चार साल चार माह पहले बिगोवा गांव में हुए सचिन हत्याकांड मामले में अदालत ने चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की अदालत ने बुधवार को सजा सुनाई। 28 दिसंबर को उन्हें दोषी करार दिया गया था। अदालत ने जुर्म को संगीन माना और दोषियों की सजा में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती।
बिगोवा गांव में 4 सितंबर 2020 को पारिवारिक जमीन विवाद में सचिन नामक युवक की हत्या हुई थी। सचिन के पिता विपिन की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने इस मामले में रमेश, सुशीला, सतीश, मोहित और अंकित के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। वहीं, इस हत्याकांड की चर्चा बिगोवा समेत समीपवर्ती गांवों में कई दिनों तक रही थी।
कोर्ट में ट्रायल के दौरान एक आरोपी सतीश की मौत हो गई थी। बाकी चारों आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की कोर्ट ने 28 दिसंबर 2024 को दोषी करार देते हुए सजा सुनाने की तारीख 29 जनवरी तय की थी। बुधवार को उन्होंने रमेश, सुशीला, मोहित और अंकित को उम्रकैद की सजा सुना दी।
- यह थी हत्याकांड की वजह
मृतक सचिन के पिता विपिन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका और ताऊ के बेटे रमेश का प्लॉट साथ-साथ है। रमेश उस पर ज्यादा जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगा रहा था। इसे लेकर दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी। रमेश व उसका परिवार उनसे रंजिश रखते थे। 4 सितंबर 2020 को उन्होंने उसके प्लॉट की दीवार की ईंटें गिरा दीं। दोनों पक्षों में कुछ देर कहासुनी होने के बाद मामला शांत हो गया। उसके बाद उसका बेटा सचिन जब गली में निकला तो पांचों ने उस पर हमला कर दिया। चाकू से किए गए वारों के चलते सचिन की रोहतक पीजीआई में पहुंचने पर मौत हो गई थी।