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Charkhi Dadri News: माइनिंग कंपनी का पट्टा निरस्त, 6 माह 5 दिन बाद ग्रामीणों ने खत्म किया धरना

Tue, 11 Mar 2025 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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गांव रामलवास में ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए तहसीलदार सज्जन कुमार। संवाद
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गांव रामलवास में ग्रामीणों को आश्वासन देते तहसीलदार सज्जन कुमार। संवाद
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भू-विज्ञान विभाग की ओर से जारी किया गया टर्मिनेशन लेटर। संवाद
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गांव रामलवास का खनन क्षेत्र, जहां अवैध खनन और जल दोहन करने का आरोप लगा। संवाद

- मंगलवार को तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर खत्म करवाया रामलवास गांव के लोगों का धरना, बाबा भैया मंदिर से गांव तक डीजे बजाकर पहुंचे ग्रामीण
- गांव से मंदिर का रास्ता पक्का कराने, खनन क्षेत्र की पैमाइश समेत फेंसिंग कराने की मांग जल्द चढ़ेगी परवान
- रामलवास के ग्रामीणों ने मांगें पूरी न होने पर चुनाव में नहीं किया था मतदान
- संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/झोझूकलां। अवैध खनन और जलदोहन समेत अन्य मांगों को लेकर जारी रामलवास गांव के ग्रामीणों का धरना मंगलवार को 6 माह 5 दिन की लंबी अवधि के बाद खत्म हो गया। खान एवं भूविज्ञान विभाग की ओर से खनन कंपनी का पट्टा निरस्त किया गया है। बकाया 11.11 करोड़ की राशि का जल्द भुगतान करने का आदेश भी दिया है। तहसीलदार सज्जन कुमार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को सभी मांगें पूरी कराने के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया।
6 सितंबर 2024 से गांव रामलवास के ग्रामीण खनन क्षेत्र में अवैध खनन, जल दोहन व बकाया रॉयल्टी राशि दिलवाने के लिए धरना दे रहे थे। इसमें खंड की करीब सभी 47 पंचायतों ने उनका समर्थन किया था। सरपंच एसोसिएशन की ओर से भी धरने में शामिल होकर ग्रामीणों की मांग को जायज बताया गया था। यहां तक कि गांव की महिलाएं भी चूल्हा-चौकी छोड़ धरनास्थल तक पहुंची थीं।
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10 सितंबर को ग्राम पंचायत की ओर से तत्कालीन डीसी राहुल नरवाल से झोझूकलां बीडीपीओ कार्यालय में मुलाकात की गई। इस दौरान उन्हें केवल कार्रवाई का आश्वासन मिला।

इसके बाद तत्कालीन एडीसी चौधरी विश्वजीत ने भी ग्रामीणों के साथ बैठक की थी। उन्होंने अवैध खनन की जांच के लिए कमेटी गठित की। इसके बाद भी कोई समाधान ग्रामीणों की समस्या का नहीं हुआ। धरना जारी रहा। सभी जगह पर ग्रामीणों को केवल आश्वासन मिला।
अब करीब 20 दिन पहले ग्रामीणों ने सीएम नायब सिंह सैनी से मुलाकात की और गांव की समस्या से अवगत करवाया। सीएम ने ग्रामीणों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। इसके बाद एडीसी ने खनन क्षेत्र का दौरा कर रिपोर्ट सीएम के पास भेजी थी।
मंगलवार को सभी ग्रामीण धरनास्थल पर मौजूद थे। उसी दौरान तहसीलदार सज्जन सिंह यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने वार्ता कर ग्रामीणों को संतुष्ट किया। इसके बाद जूस पिलाकर धरना खत्म करवा दिया।

- ग्रामीणों ने डीजे बजाकर मनाई खुशी
ग्रामीणों की ओर से खनन कार्य बंद होने पर जश्न मनाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने डीजे बजाकर गांव में प्रवेश किया और मिठाई बांटकर खुशी मनाई। इस मौके पर सरपंच संजू देवी, प्रतिनिधि विनोद कुमार, सीमा, पार्वती, लक्ष्मी, बीडीसी हरीश कुमार, पार्षद प्रतिनिधि महावीर, प्रताप, प्रकाश, रोशनलाल, लालचंद, मनफूल सिंह समेत 300 लोग मौजूद रहे।

- चुनाव में नहीं किया था मतदान
नवंबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में ग्राम पंचायत की ओर से हिस्सा नहीं लिया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने मतदान केंद्र से दूरी बनाए रखी। वहीं, डीसी और एडीसी व एसडीएम की ओर से भी मतदान के लिए आह्वान किया गया था, लेकिन, ग्रामीणों ने धरना जारी रखा। चुनाव में हिस्सा नहीं लिया।

- 2 फरवरी को दी थी आत्महत्या की चेतावनी
ग्रामीणों की ओर से 2 फरवरी 2025 को आत्महत्या की चेतावनी दी गई थी। उस दिन महिलाओं ने गीत गाकर अपनी पीड़ा बताई। सभी ने अवैध खनन से हुए गहरे गड्ढे में कूदकर जान देने की चेतावनी दी थी। इसके बाद सीएम से मुलाकात की गई तो समस्या का समाधान हुआ।

- 11 करोड़ से अधिक राशि जमा न होने पर कंपनी हुई टर्मिनेट
खान एवं भूविज्ञान विभाग की ओर से रामलवास क्रशर फर्म के राशि 11,11,59,858 रुपये का भुगतान न करने पर टर्मिनेट किया गया है। खनन क्षेत्र पर किया कब्जा हटाने और सरकारी राशि जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही राशि जमा न कराने पर भू-विज्ञान विभाग राशि वसूल करेगा।
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वर्सन:
विभागीय आदेशानुसार ग्रामीणों से बातचीत कर धरना खत्म करवा दिया गया है। कंपनी को रॉयल्टी राशि न भरने पर टर्मिनेट किया गया है। इसकी वसूली के लिए डीसी को भी विभाग ने पत्र जारी किया है। अब प्रशासन की ओर से राशि वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।
-सज्जन कुमार यादव, तहसीलदार, बाढड़ा
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