चरखी दादरी। जिले में 19 राजकीय स्कूलों में दो करोड़ 53 लाख 10 हजार के बजट से पुस्तकालयों के भवन का निर्माण किया जाएगा। अब तक पांच स्कूलों में भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 11 स्कूलों में निर्माण कार्य जारी है। तीन स्कूलों में कुछ औपचारिकताएं पूरी होनी बाकी हैं।
जिले में वर्ष 2023-24 में स्कूलों में पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए बजट जारी हुआ था। इन स्कूलों में राजकीय स्कूल बड़राई, रासीवास, घसोला, समसपुर, डूडीवाला नंदकरण, दूधवा, लाड व डोहका मौजी आदि शामिल हैं। अब तक पांच स्कूलों में भवन का निर्माण हो चुका है जिनमें राजकीय स्कूल बड़राई, लाड, दूधवा, डोहका मौजी व डूडीवाला नंदकरण राजकीय स्कूल शामिल हैं।
शेष तीन स्कूलों में कुछ औपचारिकताएं पूरी होनी बाकी हैं। इसके बाद इनमें भी निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। 11 राजकीय स्कूलों में निर्माण कार्य प्रगति पर है। पुस्तकालय के भवन का आकार 45 गुना 30 फुट रहेगा।
अगले दो माह में यह काम पूरा होने की उम्मीद है। जिले में 64 हाई स्कूल व 50 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं जिनमें पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध है।
पुस्तकालय में उपलब्ध होंगी विभिन्न पुस्तकें
बता दें कि पुस्तकालय किसी भी स्कूल व कॉलेज में ज्ञान का केंद्र माना है। पुस्तकालय के माध्यम से विद्यार्थी पाठ्यक्रम के अलावा अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं। पुस्तकालयों में महापुरुषों की जीवन पढ़ने को मिलती हैं। इसके अलावा जर्नल, पत्र-पत्रिकाएं, कहानी ग्रंथ, उपन्यास व निबंध पढ़ने को मिलते हैं। इनसे विद्यार्थी अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकते हैं। पुस्तक की मदद से शिक्षक भी अपनी दैनिक पाठ योजना तैयार कर सकते हैं।
शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत पुस्तकालय का निर्माण जरूरी
दरअसल, पाठ योजना के अनुरूप ही शिक्षक कक्षा में शिक्षण कार्य करवाता है। शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 में भी स्कूलों में पुस्तकालय का होना अनिवार्य है। पुस्तकालय के लिए अलग से मिनी हॉल होता है जिससे में बैठकर विद्यार्थी अध्ययन करते हैं।
जिले में वर्ष 2023-24 में स्कूलों में पुस्तकालय भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ 53 लाख 10 हजार रुपये का बजट जारी हुआ था। अब तक पांच पुस्तकालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष का काम जल्द ही पूरा हो जाएगा। -राजबीर सिंह, कनिष्ठ अभियंता
विद्यार्थियों को पुस्तकालय की सुविधा बेहतर मिले इसके लिए विभाग प्रयासरत है। पुस्तकालयों में पुस्तकों की कमी नहीं रहने दी जाएगी। नए भवन भी बनाए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को बैठने की सुगम जगह मिल सके। - कृष्णा फोगाट, जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग