चरखी दादरी। जून के मध्य में एक सप्ताह तक लगातार भीषण गर्मी व लू चलने से जिले में 35,000 एकड़ बाजरे की फसल नष्ट हुई है। किसानों के मुताबिक जमीन से बाहर आते ही अधिक तापमान की वजह से अंकुरित बीज नष्ट हो गया। उन्हें दो, तीन बार बाजरा बोना पड़ा। इस कारण जिले में बाजरा का रकबा घट गया।
इस सीजन में मई और जून में हुई बारिश के बाद बोई गई बाजरा की फसल नहीं उग सकी। किसानों को बीजाई के समय महंगी खाद और बीज इस्तेमाल करना पड़ा है। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
किसानों को मौजूदा खरीफ सीजन में करीब 1.50 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। जिले में करीब 1.10 लाख एकड़ में बाजरा की बीजाई की गई है जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1.60 लाख एकड़ था। पिछले माह 30 और 31 मई को खासी बारिश होने पर काफी किसानों ने बाजरा की बीजाई कर दी थी। उस दौरान की गई बीजाई ठीक प्रकार से अंकुरित हुई। इसके बाद जून प्रथम सप्ताह में फिर बारिश हुई तो वंचित रहे किसानों ने बाजरा की बीजाई कर दी।
इसके बाद जून मध्य में एक सप्ताह तक अधिकतम तापमान 43 और 44 डिग्री बना रहा, जिससे ताजा बीजित बाजरा की करीब 35,000 एकड़ फसल भीषण गर्मी की भेंट चढ़ गई। ताजा अंकुरित पौधे गर्म हवाओं एवं तपिश को सहन नहीं कर सके। इस वजह बीज अंकुरित होते ही ज्यादा तापमान के कारण नष्ट होता गया।