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Charkhi Dadri News: जिले को 12 हजार की जरूरत, अब तक वितरित हुई 2200 एमटी खाद

Sat, 26 Oct 2024 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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अमर उजाला एक्सकलूसिव
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पीछे से खाद की खेप नहीं पहुंच पाने के कारण किसान काट रहे चक्कर, 31 अक्तूबर तक 12 हजार एमटी वितरण का है लक्ष्य
- कृषि अधिकारी बोले- डीएपी को किसान माने रहे ट्रेड मार्का
जगवीर शर्मा
चरखी दादरी। जिला में मांग के अनुरूप खाद नहीं पहुंच पाई है। इसके चलते किसान परेशान हैं। जिला की सभी पैक्स समितियों, जमीदारा सोसायटी व इफको केंद्रों में अब तक 2200 मीट्रिक टन डीएपी का ही वितरण हुआ है। विभाग ने 12 हजार मीट्रिक टन की मांग भेज रखी है। डीएपी की आवक कम होने की वजह से दिक्कत बन रही है।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसान लंबे समय से डीएपी का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। वे इस खाद को ट्रेड मार्का मान रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों के लिए डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी खाद भी हैं। काफी संख्या में किसान एनपीके व एसएसपी का इस्तेमाल भी करने लगे हैं।
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बता दें कि जिले का कुल कृषि योग्य रकबा 1,22,358 हेक्टेयर है। इस बार रबी सीजन में सरसों की बिजाई का आंकड़ा 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को पार करने की उम्मीद है। इसी प्रकार, गेहूं का रकबा भी 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंचने की संभावना है। किसानों ने सरसों की बिजाई शुरू कर रखी है। गेहूं की बिजाई नवंबर प्रथम सप्ताह में शुरू हो जाएगी।

- सितंबर प्रथम सप्ताह में शुरू हुआ था वितरण
जिले में सितंबर माह में ही खाद का वितरण कार्य शुरू हो गया था। अब तक जिले में 2200 मीट्रिक टन डीएपी खाद पहुंची है। विभाग ने 12 हजार मीट्रिक टन की मांग भेज रखी है। यानी बैग की बात करें तो दो लाख 40 हजार की मांग कर रखी है जबकि अब तक 44 हजार बैग ही पहुंचे हैं।

- 44 हजार बैग ले चुके किसान
जिला में गांवों में स्थित पैक्स समितियों, जमीदारा सोसायटी कार्यालय व इफको केंद्रों में डीएपी का वितरण होता है। अब तक इन पैक्स समितियों, जमीदारा सोसायटी कार्यालय व इफको केंद्रों में 44 हजार बैग बांटे जा चुके हैं। विभाग ने 31 अक्तूबर तक डीएपी के 12 हजार बैग का टारगेट पूरा करने के लिए मांग कर रखी है।
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वर्सन:
किसान लंबे समय से डीएपी का इस्तेमाल करते आ रहे हैं, इसलिए वे इस खाद को ट्रेड मार्का मान रहे हैं। किसानों के लिए डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी खाद भी हैं।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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शनिवार को रावलधी गांव में पहुंचा खाद के बैग से भरा ट्रक। संवाद
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खाद की खेप न पहुंचने से दादरी पुरानी अनाज मंडी में सुनसान पड़ा जमीदारा सोसायटी केंद्र। संवाद
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