अमर उजाला विशेष:
इस बार दाना सफेद, मोटा और चमकीला, 61 हजार हेक्टेयर में की गई थी बिजाई, किसानों को खुले बाजार में भी मिल रहा अच्छा भाव
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मानसून सीजन में इस बार नियमित अंतराल पर बारिश होने से गत वर्ष की तुलना में बाजरे की गुणवत्ता बेहतर है। इस बार बाजरे का दाना मोटा, सफेद और चमकीला है। मौजूदा सीजन में जिले के किसानों ने 61 हजार हेक्टेयर में बाजरे की बिजाई की थी। पैदावार भी अच्छी हुई है।
पिछले साल कटाई के समय खासी बारिश हुई थी। इससे बाजरे की गुणवत्ता खराब हो गई थी। कटाई के समय ज्यादा बारिश होने से बाजरा खलिहान में दोबारा अंकुरित हो गया था। इससे किसानों को खासा नुकसान हुआ था। बाजार में बाजरे के उचित दाम नहीं मिले थे। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था।
इस बार मानसून एक माह देरी से पहुंचा। एक अगस्त से मानसून ने दस्तक दी थी। इस वजह से बाजरे की पछेती बिजाई हुई थी। अगस्त व सितंबर माह में बारिश जारी रही। 15 सितंबर के बाद मानसून की बारिश नहीं हुई। ऐसे में 46 दिन में ही जिले में औसत 441 एमएम बारिश हो गई थी।
- कटाई देरी से होने का भी मिला फायदा
बाजरे की कटाई में भी देरी हुई। इसका किसानों को फायदा मिला है। सितंबर माह में बाजरे का पकाव होना आरंभ हुआ था। ऐसे में उसे बारिश की आवश्यकता थी। अक्तूबर माह में मानसून की विदाई हो गई थी।
- खुले बाजार में मिल रहा सही भाव
इस प्रकार इस बार बाजरे की गुणवत्ता अच्छी है। दाना मोटा एवं चमकीला है। इससे किसानों को सरकारी रेट के अलावा खुले बाजार में भी अच्छा भाव मिल रहा है। किसान कल्ले व राकेश ने बताया कि बाजरा बिल्कुल सफेद एवं चमकीला है। खाने में भी जायका है।
वर्सन:
इस बार बाजरे का दाना मोटा, सफेद व चमकीला है। इससे किसानों को काफी फायदा पहुंचा है।
-डॉ. जितेंद्र सिहाग, बीएओ, कृषि विभाग
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दादरी मंडी परिसर में लगी बाजरे की ढेरी। संवाद