सांपला के छोटूराम स्मारक से गत 20 अगस्त को शुरू हुई किसान न्याय यात्रा का रविवार को चरखी दादरी जिले में समापन किया गया। 93 ट्रैक्टरों के काफिले में किसानों ने शहर में करीब दो घंटे प्रदर्शन किया और इसके बाद रामनगर धरनास्थल की ओर कूच किया। धरनास्थल पर पहुंचकर प्रदेश स्तरीय आंदोलन की अगुवाई करने वाले रमेश दलाल ने कहा कि अगर सरकार ने अभी भी मांगें पूरी नहीं की तो किसान अगले 48 घंटे में अगले कदम का फैसला लेंगे। यह फैसला प्रदेश की सभी खापों की सहमति से लिया जाएगा। उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में किसान सरकार के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकते हैं। वहीं, न्याया यात्रा के मद्देनजर जिला प्रशासन पूर्णतया अलर्ट रही और खुफिया तंत्र भी सक्रिय नजर आया।
ज्ञात रहे कि एनएच-152 डी के लिए अधिगृहीत होने वाली जमीन की उचित मुआवजा राशि, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और एसवाईएल के पानी सहित अन्य मांगों को लेकर हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन चल रहा है। एनएच-152 डी मुआवजा राशि को लेकर गत 26 फरवरी से रामनगर गांव के समीप लगातार धरना जारी है। किसान नेता रमेश दलाल ने रामनगर धरने पर पहुंचकर कहा कि 20 अगस्त को किसान न्याय यात्रा सांपला से शुरू की गई थी। छठे दिन इसका समापन वीरों की भूमि कहे जाने वाले चरखी दादरी जिले में किया गया है। उन्होंने कहा कि न्याय यात्रा झज्जर, सोनीपत, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, हिसार व रोहतक जिले से होते हुए चरखी दादरी पहुंची है।
इससे पहले रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे चरखी दादरी-रोहतक बॉर्डर पर अनूप फौगाट और विनोद मौड़ी के नेतृत्व में जिले के किसानों ने यात्रा का स्वागत किया। जिले के किसान ट्रैक्टरों के काफिले के साथ गांव खातीवास पहुंचे। यहां से किसानों ने दादरी की ओर रुख किया। दोपहर 1:28 पर किसानों ने समसपुर टी-प्वाइंट पर पहुंचकर शहर में एंट्री ली। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद किसान रामनगर धरनास्थल की ओर कूच कर गए। धरने को संबोधित करते हुए रमेश दलाल ने कहा कि किसानों ने सरकार को यात्रा की समाप्ति तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन अब तक सरकार ने मांगों पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। उन्होंने कहा कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और विधानसभा चुनाव में भी किसान धरने पर डटे रहेंगे।
शहर में यहां से गुजरा ट्रैक्टरों का काफिला
समसपुर टी-प्वाइंट होते हुए किसानों के ट्रैक्टरों का काफिला ढाणी फाटक आरओबी होते हुए तिकोना पार्क पहुंचा। यहां से पुराना झज्जर रोड और फिर काठमंडी और वाया पुराना बस स्टैंड होते हुए बस स्टैंड रोड से गुजरा। ट्रैक्टरों के आगे और पीछे पुलिस वाहन चलते रहे। वहीं, समसपुर टी-प्वाइंट और आरओबी पर पुलिस ने ट्रैक्टरों के गुजरते समय भारी वाहनों को रुकवाकर रखा। फौगाट खाप प्रवक्ता शमशेर खातीवास ने दादरी पहुंचने पर यात्रा का स्वागत किया।
हर चौराहों पर तैनात रही पुलिस, सचिवालय की बढ़ाई सुरक्षा
किसान न्याय यात्रा के दादरी पहुंचने पर पुलिस प्रशासन अलर्ट नजर आया। शहर के बाहरी नाकों पर पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई। इसके अलावा शहर के हर चौराहों पर रविवार को छुट्टी के बावजूद पुलिसकर्मी तैनात नजर आए। वहीं, लघु सचिवालय के मेन गेट पर भी काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मियों ने किसी भी चालक को वाहन खड़ा नहीं करने दिया।
किसान को मानसिक दहशत से आजाद करने में रहे सफल : रमेश दलाल
आंदोलन संयोजक रमेश दलाल ने बताया कि यह यात्रा हरियाणा के किसान को मानसिक दहशत से आजाद कराने में सफल रही है। जाट आंदोलन और राम रहीम प्रकरण के दौरान पंचकूला में हुई हिंसा के बाद लोगों ने अपने हकों की आवाज उठाना ही दहशत के चलते बंद कर दिया था। किसान न्याय यात्रा बेहद शांतिप्रिय ढंग से निकाली गई है और इसमें हर वर्ग का भरपूर सहयोग मिला है।