चरखी दादरी। इमलोटा में नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश होने पर हर कोई हैरान है। यह फैक्टरी दादरी निवासी नरेश चला रहा था। आरोपी नरेश वर्ष 2016 में भी नकली सिक्कों के साथ दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। इस बार उसने पुलिस से बचने के लिए गांव में ही फैैक्टरी खोलने की साजिश रची थी। उसने एक माह पहले ही इमलोटा में बिगोवा रोड पर एक वाटिका किराये पर ली, जिसमें नकली सिक्के तैयार करने की चार मशीनें लगाईं। इस फैक्टरी में वह 10 रुपये के नकली सिक्के बना रहा था। शुक्रवार रात को दिल्ली पुलिस ने यहां दबिश देकर 2.84 क्विंटल सिक्के बरामद किए। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी नरेश को गिरफ्तार कर 22 अप्रैल को विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
कार डेकोरेशन करते-करते चढ़ा लग्जरी लाइफ का शौक
आरोपी नरेश पहले चरखी दादरी में कार डेकोरेशन प्वाइंट चलाता था। इसके बाद वह दिल्ली चला गया। इस दौरान उसके सिर लग्जरी लाइफ का शौक चढ़ गया। इसके बाद उसने नकली सिक्के बनाने का धंधा शुरू किया, लेकिन अक्तूबर 2016 में दिल्ली पुलिस ने उसे नकली सिक्कों के साथ धरदबोचा। उस दौरान उसने खुद को बैंक कर्मचारी बताया था। इसके बाद पुलिस ने जब जांच की तो आरोपी ने नकली सिक्के बनाने का गुनाह कुबूल किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश देकर कई फैक्टरी पकड़ी थीं। इस मामले में आरोपी अब जमानत पर चल रहा था। इस बार उसने पुलिस से बचने के लिए गांव में एक वाटिका किराये पर ली थी, वह वाटिका इमलोटा निवासी एक व्यक्ति की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस को वाटिका मालिक या परिवार का कोई अन्य सदस्य नहीं मिला। हालांकि पुलिस ने जब वहां दबिश दी तो चार प्रवासी श्रमिक मिले। पुलिस सूत्रों के अनुसार वे वहां सिक्के तैयार करते थे, जिसके चलते दिल्ली पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।
दिल्ली पुलिस ने फिर खोला राज, जिला पुलिस को भनक तक नहीं लगी
इमलोटा में पिछले करीब एक माह से नकली सिक्के तैयार करने का अवैध कारोबार चल रहा था, लेकिन जिला पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद ही यह राज खुला और इस कार्रवाई के बाद से जिला पुलिस में भी हड़कंप मचा है।
पहले लूथरा ब्रदर्स के साथ नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी चलाता था नरेश
अक्तूबर 2016 में नरेश को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था। उस दौरान उसने खुलासा किया था कि वह इस काम में राजू और सोनू लूथरा नामक दो भाई उसके साझेदार थे। उन दोनों भाइयों ने पहले दादरी में सिक्के बनाने की फैक्टरी लगाई थी, लेकिन यहां घाटा होने के चलते वह फैक्टरी बंद कर दिल्ली की ओर कूच कर गए थे। नरेश की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने लूथरा ब्रदर्स को भी गिरफ्तार कर लिया था।
पहले दुकानों पर सिक्के खपाने की भरी थी हामी
करीब छह साल पहले पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद नरेश ने खुलासा किया था कि वो पांच और दस के नकली सिक्के तैयार कर उन्हें बाजार में दुकानों पर खपाते थे। इसके लिए कमीशन तय किया हुआ था। पीरागढ़ी और बवाना औद्योगिक क्षेत्र में वो नकली सिक्के तैयार करते थे, जिन्हें बाद में अलग-अलग जगह खपाया जाता था।
तीन घंटे तक चली पुलिस की कार्रवाई
शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे दिल्ली पुलिस इमलोटा गांव स्थित वाटिका में पहुंची। वहां एक कमरे में नकली सिक्के तैयार करने की मशीनें व डाई रखी मिली। करीब साढ़े 11 बजे इमलोटा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। रात करीब डेढ़ बजे दिल्ली पुलिस सामान को जब्त कर अपने साथ ले गई।
इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कार्रवाई की रही है। इमलोटा में मिले तैयार किए नकली सिक्कों और मशीनों को टीम अपने साथ ले गई। हम मौके पर जरूर पहुंचे थे, लेकिन पूरी कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने ही की है। - संदीप कुमार, एएसआई एवं इमलोटा चौकी प्रभारी