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वेस्टेज फैक्टर को ध्यान में रखते हुए दस लोगों के पहुंचने पर ही खोली जा रही वैक्सीन की बायल

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मातृ-शिशु अस्पताल में वैक्सीन लगाती स्वास्थ्यकर्मी । - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। कोरोनारोधी वैक्सीनेशन में जिले की स्थिति अन्य जिलों के मुकाबले काफी ठीक है। स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए सेशन में वैक्सीनेशन के लिए पहुंच रहे लोग भी व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। लोगों का कहना है कि स्लॉट बुकिंग के दौरान मिले समय पर ही उन्हें वैक्सीन लग रही है और केंद्र में उन्हें ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। मातृ-शिशु अस्पताल में वैक्सीनेशन करवाने पहुंचे लोगों ने बताया कि केंद्र में पहुंचने के एक घंटे में ही वे वैक्सीनेशन करवाने के बाद वापस जा रहे हैं, जिनमें 30 मिनट का ऑर्ब्जवेशन समय भी शामिल है। अमर उजाला टीम ने वैक्सीनेशन केंद्रों पर की गईं व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो सामने आया कि वेस्टेज फैक्टर का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है और इसी के तहत 10 लोगों के पहुंचने पर ही वैक्सीन की बायल खोली जा रही है। वैक्सीनेशन केंद्र की व्यवस्थाओं पर लोगों से की गई बातचीत पर अमर उजाला की रिपोर्ट...
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लोग बोले: बेहतर हैं व्यवस्थाएं, नहीं करना पड़ रहा इंतजार
मैं सुबह 11:10 पर मातृ-शिशु अस्पताल में वैक्सीनेशन करवाने पहुंचा था और करीब 15 मिनट इंतजार करने पर ही मुझे वैक्सीन लग गई। 30 मिनट ऑर्ब्जवेशन कक्ष में रहने के बाद अब मैं घर लौट रहा हूं। मुझे किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई।
अंकित, मकड़ाना
मैं सुबह 11 बजकर दस मिनट पर वैक्सीनशन केंद्र पर पहुंचा था। 11:27 पर मुझे अंदर भेजा गया। 5 मिनट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में लगी और 11:34 पर मुझे वैक्सीन लग गई। इसके बाद मैंने 30 मिनट ऑर्ब्जवेशन कक्ष में बिताए और अब घर जा रहा हूं।
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धीरज, मकड़ाना
मैं सुबह 11:20 पर एमसीएच में कोरोना वैक्सीन लगवाने पहुंचा था। यहां व्यवस्थाएं काफी ठीक हैं और मुझे ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। 12:15 पर मुझे यहां से घर जाने की अनुमति दे दी गई है और ऑर्ब्जवेशन पीरियड के दौरान मुझे कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई।
देवेंद्र, माई कलां
मैं सुबह 11:21 पर वैक्सीनेशन केंद्र पहुंची थी और मुझे 11:32 पर अंदर भेजा गया। पहले मैंने रजिस्ट्रेशन करवाया और इसके बाद स्टाफ नर्स ने मुझे वैक्सीन लगाई और फिर ऑर्ब्जवेशन कक्ष में भेज गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान मुझे न तो कोई परेशानी हुई और न ही इंतजार करना पड़ा।
पायल, दादरी
10 लोगों के पहुंचने पर ही खोली जाती है वैक्सीन की बायल
डिप्टी सीएमओ एवं जिला वैक्सीनेशन इंचार्ज डॉक्टर आशीष मान ने बताया कि एक बायल में पांच एमएल वैक्सीन होती है, जिससे दस लोगों को डोज दी जाती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को दशमलव पांच एमएल वैक्सीन लगती है। वैक्सीन की बायल खोलने पर अगर कुछ समय के लिए रखी रह जाए तो खराब हो जाती है। इस स्थिति में वेस्टेज फैक्टर बढ़ेगा और इसी के मद्देनजर 10 लोगों के पहुंचने पर ही बायल खोली जा रही है। पांच- दस मिनट का लोगों को इंतजार करना पड़ता है।
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