115 करोड़ की पेयजल परियोजना पर तेजी से चल रहा काम, नए पानी भंडारण टैंक बनाने के साथ दोनों जलघर किए जा रहे अपग्रेड
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। पांच माह में जनस्वास्थ्य विभाग शहर के दोनों जलघरों को अपग्रेड करने और पानी भंडारण क्षमता बढ़ाने का काम पूरा कर देगा। जुलाई में शहर के जलघरों की पानी भंडारण क्षमता बढ़ाकर 7300 लाख लीटर कर दी जाएगी। इसके बाद शहर में प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति होगी और लोगों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
शहरवासियों को पेयजल संकट से स्थायी रूप से छुटकारा दिलाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग करीब 115 करोड़ की परियोजना पर काम कर रहा है। यह काम अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है। शहर के मेन चंपापुरी जलधर में दो नए पानी भंडारण टैंक तैयार किए जा रहे हैं। एक टैंक बनकर तैयार हो चुका है जबकि दूसरे का काम जारी है। चंपापुरी जलघर में चार टैंक पहले से बने हुए हैं। इनमें से दो टैंकों को विस्तार दिया गया है।
इसी प्रकार, शहर के दूसरे रामनगर जलघर में दो टैंक हैं। यहां भी दो और नए टैंक बनने हैं। इनके निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। इसी प्रकार शहर के लिए ही नजदीकी गांव घिकाड़ा में जलघर को अपग्रेड किया जा रहा है। यहां 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
- 3750 लाख लीटर है शहर की मौजूदा भंडारण क्षमता
चंपापुरी जलघर की पानी भंडारण क्षमता इस समय 2450 लाख लीटर है। रामनगर जलघर की क्षमता 1250 लाख लीटर है। इस समय शहर की कुल पानी भंडारण क्षमता 3750 लाख लीटर है। ये तीनों प्रोजेक्ट पूरे होने पर कुल स्टोरेज क्षमता करीब 7300 लाख लीटर हो जाएगी। इससे शहर में प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
- एक दिन छोड़कर आपूर्ति करने से लोग परेशान
दादरी शहर की पेयजल भंडारण क्षमता कई सालों से कम है। यही कारण है कि जनस्वास्थ्य विभाग शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति करता है। इतना ही नहीं टैंकों में पानी खत्म होने के बाद ट्यूबवेल के पानी की आपूर्ति भी दो से तीन दिन बाद की जाती है। परियोजना पर काम पूरा होने के बाद समस्या नहीं रहेगी।
- गांवों में भी डाली जा रही 60 हजार मीटर लंबी पेयजल लाइनें
इसी प्रकार गांवों में करीब 60 हजार मीटर लंबी नई पेयजल लाइनें बिछाई गई हैं। 10 से ज्यादा गांवों में नए जलघर बनाए गए हैं। भूमिगत पाइपलाइनें नहरों से जलघरों तक बिछाई जा रही हैं। पुराने जलघरों की भंडारण क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। ये तमाम कार्य जल जीवन मिशन योजना के तहत किए जा रहे हैं। जलघरों में साफ पानी की आपूर्ति के लिए नए फिल्टर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। नए बेड तैयार किए गए हैं। बाढड़ा ब्लॉक में 35 बूस्टिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनसे करीब 40 से अधिक गांवों में पेयजल की आपूर्ति की जानी है। गांवों में ये सभी प्रोजेक्ट जुलाई माह में पूरे होने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में भी पेयजल आपूर्ति में सुधार हो सकेगा। जिले में गर्मी के मौसम में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा रहता है।
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जुलाई माह तक प्रोजेक्ट पूरे होने की उम्मीद है। इससे पेयजल आपूर्ति में काफी सुधार आएगा। इन सभी प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से जारी है। खासकर कर पेयजल संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा।
-धीरेंद्र सांगवान, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
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चंपापुरी जलघर में निर्माणाधीन पानी भंडारण टैंक। संवाद