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Charkhi Dadri News: जखराना और सोजत नस्ल के बकरे के हैं अलग ही नखरे

Sun, 12 Mar 2023 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। एक समझदार एवं जिम्मेदार पशुपालक को नस्ल सुधार को कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। जिला महेंद्रगढ़ के चेलावास निवासी रणवीर सिंह और चौधरी विक्रम सिंह बकरी नस्ल सुधार में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 39वें प्रदेश स्तरीय पशु मेले में इनके बकरी फार्म के जखराना व सोजत नस्ल के बकरे के अलग ही नखरे हैं।
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तीन साल से नस्ल सुधार कार्यक्रम से जुड़े रणवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की सलाह पर सोजत नस्ल का एक बकरा लिया था। अब उसके फार्म में 40 से अधिक इस नस्ल के बेहतरीन बकरे व बकरियां हैं। उन्होंने बताया कि इस नस्ल के अच्छे बकरे की कीमत 85 हजार से अधिक है।
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान से प्रशिक्षण लेने के बाद चेलावास के चौधरी विक्रम सिंह लगातार कई साल से जखराना नस्ल के बकरे की ब्रीडिंग पर कार्य कर रहे हैं। उनके फार्म पर केवल जखराना नस्ल के बकरों का पालन किया जा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से अच्छी नस्ल के बकरे खरीदने के लिए उनके पास काफी ऑर्डर आ रहे हैं। वे खुद भी अन्य पशुपालकों को अच्छी नस्ल के बकरे पालने के लिए सलाह देते हैं और उन्हें प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि अच्छी नस्ल के पशु खरीदते समय पशु की कीमत बेशक अधिक लगती हो लेकिन बाद में उसी पशु से अच्छा मुनाफा भी होता है। उन्होंने कहा कि अगर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए तो सरकार की बहुत सी ऐसी योजनाएं हैं जिनके माध्यम से बकरी पालन में काफी लाभ कमाया जा सकता है।
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