चरखी दादरी। परिजनों का अगर साथ मिल जाए तो मनुष्य के लिए कुछ असंभव नहीं है। सांवड़ निवासी सेवानिवृत्त एसडीओ जय कुमार शर्मा ने इस बात को अमेरिका के वॉशिंगटन में आयोजित 5 किलोमीटर की मैराथन में साबित किया है। 62 वर्ष आयुवर्ग में जय कुमार शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को पीछे छोड़ा और स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं, सभी श्रेणी में वो 600 प्रतिभागियों में 50वें स्थान पर रहे।
मास्टर एथलीट जय कुमार शर्मा ने बताया कि वे मूल रूप से सांवड़ के निवासी हैं। अग्रोहा में पोस्टिंग होने के बाद वो हिसार शिफ्ट हो गए थे। विद्यार्थी जीवन में उन्हें दौड़ने का शौक था, लेकिन घर की जिम्मेदारी के नीचे सभी शौक दब गए। बाद में उनकी जनस्वास्थ्य विभाग में बतौर जेई नौकरी लग गई। कुछ दिन बाद पदोन्नति होकर वे एसडीओ बन गए। नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद वे घर पर अकेले रहते थे। बेटा वैज्ञानिक है और विदेश में रहता है। उन्होंने बेटा व बेटी के सामने खिलाड़ी बनने की इच्छा जाहिर की और इसे पूरा करने में परिवार के सभी सदस्यों ने सहयोग किया।
- वर्ष 2018 में शुरू की थी तैयारी
जय कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2018 में उन्होंने मैराथन की तैयारी शुरू की। इसमें उनके दोस्त व भाई बस्तीराम और भाभी सावित्री का काफी सहयोग रहा। दोनों स्टेडियम में भ्रमण करने साथ जाते थे। उन्होंने शुरू में पांच किलोमीटर मैराथन में भाग लिया और रजत पदक हासिल किया। इसके बाद अब दूसरी मैराथन में भाग लेकर उन्होंने पहला स्थान हासिल किया। यह पांच किलोमीटर ओपन मैराथन 26 जून को अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन व सिएटल मैराथन एसोसिएशन की ओर से आयोजित की गई। इसमें विभिन्न देशों के 600 लोगों ने भाग लिया। उन्होंने 62 आयुवर्ग में भाग लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।