चरखी दादरी। सिंचाई विभाग ने जिले में बारिश से पहले 21 से 26 दिसंबर तक छह दिनों में 500 किसानों को नहरी पानी की चोरी के आरोप में चिह्नित किया है। रबी की फसलों की सिंचाई के लिए किसान नहरों पर इंजन और साइफन आदि लगाकर पानी का उठान करते मिले। अब विभागीय टीम इन किसानों को नोटिस भेजने की तैयारी में है। इसका जवाब मिलने के बाद तावान (जुर्माना) वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
पिछले साल नहरों में 21 दिसंबर से सात जनवरी तक पानी छोड़ा गया था। रबी की सरसों की फसलों की सिंचाई के लिए किसान नहरों से सीधे पानी का उठान कर रहे थे। चोरी के इस पानी से सरसों और गेहूं की पहली सिंचाई की जा रही थी।
कई किसानों ने नहरों में भूमिगत पाइपलाइन भी बिछाईं हैं। 20 दिसंबर तक नहरों में पानी नहीं था। इस कारण सिंचाई की पूर्ति नहीं हो पा रही थी। अंतिम छोर के खेतों समेत जलघरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इसके बाद नहरों में 26 दिन में पानी छोड़ा गया था। ऐसे में जलघर खाली पड़े थे। लोहारू केनाल और बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी छोड़ा गया था। बधवाना नहर से पानी की चोरी अधिक हो रही थी।