संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सैंपल जांच की एवज में मरीज से 500 रुपये लेने के मामले की स्वास्थ्य विभाग एसएमओ से जांच करवाएगा। शनिवार को सीएमओ कार्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। डॉ. राजविंद्र मलिक को पांच दिन में सीएमओ कार्यालय में रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद दोनों कच्चे कर्मचारियों पर विभागीय एक्शन लिया जाएगा। सीएमओ ने इस प्रकरण की सूचना मुख्यालय दे दी है।
शुक्रवार दोपहर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और गुप्तचर विभाग की संयुक्त टीम ने खंड कृषि अधिकारी हरबंस को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट साथ लेकर सिविल अस्पताल की लैब में दबिश दी थी। टीम को मरीज दिनेश ने बताया कि उसका लीवर फंक्शन टेस्ट एक निजी लैब में करवाने की एवज में उससे 500 रुपये लिए गए। यह आरोप एलटी रवि और स्वीपर बिजेंद्र पर लगा था। टीम ने स्वीपर बिजेंद्र के पास से 500 रुपये बरामद किए थे। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी थी, जबकि सीएमओ कार्यालय को भी सूचित किया था।
इस मामले में शनिवार को सीएमओ सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. राजविंद्र मलिक को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें मामले की जांच कर रिपोर्ट पांच दिन में सौंपने के आदेश दिए गए हैं। इनकी रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
लैब में मिली थी चार एलएफटी किट
सिविल की लैब में लगा डिस्टिल्ड वाटर प्लांट बंद पड़ा है। इसके चलते यहां विभिन्न प्रकार के टेस्ट नहीं हो पा रहे। शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को लैब में चार लीवर फंक्शन टेस्ट किट भी मिली थी। स्टाफ ने बताया कि प्लांट बंद होने के चलते वो टेस्ट नहीं कर पा रहे हैं।
मामले की जांच एसएमओ को सौंपी गई है। उन्हें पांच दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद ही दोनों कर्मचारियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मुख्यालय हमने सूचना भेज दी है। इस तरह की हरकत कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग।