झोझूकलां। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की 133वीं जयंती गांव माईकलां में मनाई गई। इसमें मुख्य अतिथि रहे तोशाम के एसडीएम मनोज दलाल और सेवानिवृत्त डीईओ जयप्रकाश सभ्रवाल ने डॉ. आंबेडकर का योगदान बताया।
उन्होंने युवाओं से महापुरुषों और क्रांतिकारियों के बलिदान को हमेशा याद रखने और धर्म, जाति से ऊपर उठकर समाज की उन्नति के लिए सामाजिक कार्यों में भाग लेने का आह्वान किया। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि विकास गोदारा, मास्टर रामकिशन, मास्टर मांगेराम, मास्टर सतेंद्र, मास्टर विजयपाल, मास्टर राजसिंह, राजेश कुमार, डॉ. ओमप्रकाश, ज्ञानीराम, सुखबीर, मुकेश पूनिया आदि मौजूद रहे।
मांढी केहर में मनाई डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती
बाढड़ा। गांव मांढी केहर में आयोजित डॉ. आंबेडकर जयंती कार्यक्रम में स्टोन क्रशर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सोमबीर घसौला और जिला परिषद चेयरमैन मनदीप डालावास मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में सोनू साहुवास, जिला पार्षद सुनील हड़ौदी, पूर्व सरपंच सुरेश, मास्टर विनोद मांढी, प्रीतम शर्मा, सरपंच अशोक कुमार, सरपंच प्रतिनिधि जितेंद्र श्योराण, सोमबीर, रत्नकौर, ठेकेदार संतलाल, शमशेर आदि मौजूद रहे।
डाॅ. भीमराव ने किसी परिस्थिति में नहीं मानी हार : रत्न कौर
बाढड़ा। कस्बे के गुरु रविदास मंदिर में प्रधान महावीर सिंह की अध्यक्षता में डाॅ. भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि रहे एफएसओ भरत सिंह और समाजसेवी रत्न कौर जगरामबास ने डाॅ. भीमराव का योगदान बताया। रत्न कौर ने कहा कि डाॅ. भीमराव ने किसी परिस्थितियों में हार नहीं मानी और हर स्थिति का डटकर मुकाबला किया। इस मौके पर महेंद्र सिंह लाडावास, सचिव रमेश गोपी, मनफूल आर्य, पूर्व सरपंच रमेश, बीर सिंह सभ्रवाल, होशियार, बलवान सिंह आदि मौजूद रहे।