चरखी दादरी। इंस्पायर मानक अवाॅर्ड के लिए प्रदेश के सभी राजकीय और निजी स्कूलों के विद्यार्थी 15 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। इस बार विभाग ने कक्षा छठी से 12वीं के सभी विद्यार्थियों को आवेदन की अनुमति दी है।
इससे पहले केवल छठी से 10वीं के तक विद्यार्थियों को अवाॅर्ड के आवेदन के लिए अनुमति दी जाती थी लेकिन इस साल पहली बार 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी मानक अवाॅर्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ वीनू शर्मा ने बताया कि इंस्पायर मानक अवाॅर्ड के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए विद्यार्थी 15 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। हर आवेदक अपना वैज्ञानिक आइडिया भी अपलोड करेंगे।
विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने एवं विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इंस्पायर मानक योजना शुरू की है। इसके तहत हर साल उनकी बौद्धिक क्षमता का परीक्षण करने के लिए विद्यार्थियों से आइडिया मांगे जाते हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इंस्पायर अवाॅर्ड मानक योजना के तहत विद्यार्थी अपने किसी वैज्ञानिक आइडिया को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं।
इस योजना को स्टार्टअप इंडिया पहल के साथ शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों में छोटी आयु में ही विज्ञान की पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करना, वैज्ञानिक अनुसंधान को अपना भविष्य बनाने के लिए प्रेरित और आकर्षित करना है।
इस कार्यक्रम के तहत चयनित विद्यार्थियों को जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में विज्ञान का एक प्रोजेक्ट या माॅडल बनाकर प्रस्तुत करना होगा।
- माॅडल बनाने के लिए मिलेगी 10,000 रुपये की राशि
इंस्पायर अवाॅर्ड मानक योजना के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करता है। इस योजना में चयनित आइडिया के विद्यार्थियों को विभाग मॉडल बनाने के लिए 10,000 रुपये की राशि प्रदान करता है। इसका उपयोग करके विद्यार्थी मॉडल बना सकते हैं।
सभी राजकीय और निजी विद्यालयों के प्राचार्यों को अपने विद्यालयों के विद्यार्थियों का इंस्पायर अवाॅर्ड नव विचार के लिए प्रतियोगिता करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें से पांच श्रेष्ठ विचारों को प्राचार्य मानक एप पर अपलोड करवाएंगे। बाद में इनकी समीक्षा कर उचित मॉडल का चयन राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर विजेता रहने वाले प्रतिभागी को राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जाएगा और इनाम की राशि भी दी जाएगी। इस योजना में पहली बार कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी भी शामिल किए गए हैं। - वीरेंद्र नारा, उप निदेशक, एससीईआरटी, गुरुग्राम।