गांव बौंदखुर्द में पूर्व सरपंच के अवैध निर्माण को ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से गिराया गया। पूर्व सरपंच सतबीर सिंह पर पंचायती जमीन पर एक कमरे और चाहरदीवारी निर्माण का आरोप था। इस मौके पर डीडीपीओ और थाना प्रभारी समेत तमाम लोग मौजूद रहे। इससे पहले 4 जनवरी 2018 को भी प्रशासनिक अधिकारी अवैध निर्माण गिराने पहुंचे थे और उस समय चाहरदीवारी का कुछ हिस्सा ही गिराया गया था। लेकिन उस समय पर पूर्व सरपंच ने खुद ही कब्जा हटाने के लिए दस दिन का समय मांगा था लेकिन इसके बाद अवैध निर्माण नहीं हटाया।
ग्राम पंचायत लगातार प्रशासन से अवैध कब्जा गिराने की मांग कर रही थी। वर्ष 2018 के बाद एक बार ओर प्रशानिक हमले को वापिस लौटना पड़ा था। इसके बाद 16 दिसंबर 2020 की तारीख पर भी प्रशासनिक अधिकारी अवैध निर्माण नहीं गिरा सके थे। प्रशासन द्वारा 11 जनवरी की तारीख तय कर दी थी। सोमवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार आशीष कुमार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाषचंद्र, एसएचओ कप्तान सिंह, सरपंच राधेश्याम शर्मा और पुलिस बल गांव के सरकारी स्कूल के सामने पूर्व सरपंच द्वारा किए गए अवैध निर्माण को गिराने पहुंचा। सोमवार को प्रशासन ने जेसीबी मशीन की सहायता से बनाए गए अवैध निर्माण को ढहा दिया।
मामला कोर्ट में विचाराधीन: पूर्व सरपंच
बौंदखुर्द के पूर्व सरपंच सतबीर सिंह ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद उसके रिहायशी भवन को गिरा दिया। जबकि गांव के सरपंच राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पूर्व सरपंच के पास कोर्ट का स्टे ऑर्डर नहीं मिला। प्रशासन द्वारा नियमों के तहत अवैध निर्माण गिराया है।