चरखी दादरी। दादरी और कनीना को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग का अधर में छोड़ा गया गया कार्य स्थानीय लोगों व वाहन चालकों के लिए हादसों का सबब बना हुआ है। मार्ग के बीच बने गहरे गड्ढों में आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो रहे है वहीं आगामी मानसून सीजन के दौरान सड़क पर जलभराव होने के बाद और भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों व वाहन चालकों ने बंद पड़े सड़क निर्माण कार्य को जल्दी से पूरा करवाने की मांग की है। ताकि समय रहते किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
जर्जर हो चुके दादरी-कनीना मुख्य मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से 25.95 करोड़ रुपये का बजट से 18.2 किलोमीटर सड़क के लिए निविदाएं आवंटित कर कार्यादेश जारी किया गया था लेकिन इस दौरान अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने से तारकोल की भारी किल्लत बन गई थी। इसके चलते सड़क निर्माण का कार्य अधर में छोड़ना पड़ा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी की ओर से लगभग 14 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है फिलहाल सड़क की चौड़ाई बढ़ाने को लेकर पेड़ बाधक बने हुए थे वन विभाग की ओर से पेड़ काटने की अनुमति न मिलने के कारण कार्य को रोका गया था।
सड़क हुई बदहाल
सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है जिसके चलते विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ना आम बात हो गई है। रात के समय तो इन गड्ढों का अंदाजा लगाना और भी मुश्किल हो जाता है जिससे आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग तीन जिलों दादरी, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ को जोड़ने वाली एक मुख्य कड़ी है जिस पर प्रतिदिन लगभग 10 हजार वाहन चालक सफर करते हैं। बावजूद इसके सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
निर्माण कार्य में आ रही बाधाएं
एक तरफ जहां एजेंसी का कहना है कि तारकोल न मिलने से कार्य पूरा नहीं हो पाया है वहीं विभाग के अधिकारियों अनुसार सड़क के दोहरीकरण की योजना बनाई गई थी लेकिन पेड़ों की कटाई करने की अनुमति न मिलने से काम रोकना पड़ा था। सड़क की खराब स्थिति का सबसे बुरा असर अनाज मंडी में आने वाले किसानों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। दादरी दक्षिण हरियाणा की एक प्रमुख तिलहन मंडी है जहां फसल सीजन के दौरान हजारों की संख्या में भारी वाहन पहुंचते हैं।
सड़क होगी चौड़ी, वाहन चालकों को मिलेगी राहत
अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना को लेकर वे गंभीर हैं और सभी तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू होने से न केवल रामनगर, मौड़ी, चिड़िया और बलकरा जैसे गांवों के हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी, बल्कि सड़क से गुजरने वाले 10 हजार से अधिक वाहन चालकों को राहत की सांस मिल सकेगी।
वर्सन:
अभी कुछ दिन पहले ही कार्यवाहक एसडीओ का पद संभाला है मामले की पूरी जानकारी जुटाने के बाद जल्दी ही सड़क निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। - प्रेमसिंह, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग।