चरखी दादरी। खरीफ फसल सीजन के दौरान किसानों को डीएपी खाद की उपलब्धता के लिए कृषि विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि दादरी में डीएपी खाद की किसी प्रकार की कमी नहीं है। विभाग के अनुसार किसानों की मांग के अनुरूप लगातार खाद उपलब्ध कराई जा रही है और आगामी दिनों में भी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित रहेगी। किसानों से अपील की गई है कि वे घबराकर खाद का अग्रिम भंडारण न करें।
कृषि विभाग के अनुसार एक अप्रैल से 30 जून 2026 तक जिले को कुल 2,199 मीट्रिक टन डीएपी खाद प्राप्त हुई है। वर्तमान में जिले में 691 मीट्रिक टन डीएपी खाद का स्टॉक उपलब्ध है। विभाग के अनुसार पिछले वर्ष अप्रैल से जून 2025 की तुलना में इस बार डीएपी की उपलब्धता 237 प्रतिशत अधिक रही है।
विभाग का कहना है कि बाजरे की बुवाई और धान की रोपाई के समय खाद की कमी होने की आशंका के चलते कई किसान पहले से ही अधिक मात्रा में डीएपी खरीदकर भंडारण कर रहे हैं। जबकि डीएपी खाद की आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से लगातार होती रहती है। ऐसे में वर्तमान स्टॉक और आगामी आवंटन को देखते हुए जिले में खाद की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
जून माह के दौरान किसानों को डीएपी खाद की आपूर्ति भी लगातार जारी रही। इस अवधि में निजी विक्रेताओं के माध्यम से 10,755 बैग तथा पैक्स (पीएसीएस) के माध्यम से 14,580 बैग डीएपी खाद किसानों को उपलब्ध कराई गई। विभाग का कहना है कि जरूरत के अनुसार आगे भी खाद की सप्लाई जारी रहेगी।
वर्सन:
किसानों से अपील है कि वे धैर्य बनाए रखें और केवल कृषि वैज्ञानिकों की सिफारिश के अनुसार ही डीएपी खाद का प्रयोग करें। अनावश्यक रूप से खाद का भंडारण करने से अन्य किसानों को परेशानी हो सकती है। कृषि विभाग किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जिले में खाद की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।- डॉ. रवींद्र जाखड़, कृषि उपनिदेशक।