चरखी दादरी। जिले की 89 ग्राम पंचायतों को एक अप्रैल 2027 तक गांवों की पेयजल व्यवस्था संभालने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत पंचायतें गांवों में पेयजल बिल की वसूली करने, पेयजल पाइपलाइन में लीकेज ठीक करवाने और अन्य छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों की जिम्मेदारी निभाएंगी।
इससे गांवों में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने में मदद मिल सकेगी। जिले में 168 ग्राम पंचायतें हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 15 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन ही वैध हैं। जिले में पेयजल कनेक्शनों की संख्या करीब 1.60 लाख है। सरकार जल प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और पेयजल के सदुपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायतों को पेयजल व्यवस्था से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
विभाग का लक्ष्य है कि पंचायतें व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ ग्रामीणों को पानी की महत्ता के प्रति जागरूक करें और पेयजल आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
योजना के तहत पेयजल व्यवस्था के लिए निर्धारित बजट का एक चौथाई हिस्सा पहले पंचायत के बैंक खाते में जमा करवाया जाएगा। इसके बाद शेष राशि खर्च करने की प्रक्रिया में विभाग के कार्यकारी अभियंता की भूमिका रहेगी। पंचायतों को मिलने वाली जिम्मेदारी में पेयजल बिलों की वसूली, पाइपलाइन की लीकेज ठीक करवाना और छोटे स्तर पर जरूरी मरम्मत कार्य करवाना शामिल है। इससे गांवों में पेयजल व्यवस्था के रखरखाव के लिए पंचायतों की जवाबदेही बढ़ेगी। बड़े स्तर के काम जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाए जाएंगे। पेयजल लाइन बिछाना,जलघर निर्माण करवाना,पानी फिल्टर की व्यवस्था करना व कर्मचारियों की तैनाती करना विभाग की जिम्मेदारी रहेगी।
प्रति माह 40 रुपये बिल है निर्धारित
गांवों में पेयजल बिलों की नियमित वसूली चुनौती बनी हुई है। वर्तमान में ग्रामीण उपभोक्ताओं से पेयजल के लिए प्रति माह 40 रुपये बिल निर्धारित है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग बिल जमा करवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे पेयजल व्यवस्था के संचालन और रखरखाव के लिए निर्धारित राशि की वसूली प्रभावित होती है। विभाग ने पेयजल बिल व्यवस्था को ऑनलाइन भी कर रखा है। उपभोक्ता ऑनलाइन बिल जमा करवा सकते हैं।
विभिन्न गांवों में अवैध पेयजल कनेक्शनों की भरमार भी परेशानी का कारण बनी हुई है। अवैध कनेक्शनों के कारण पानी की आपूर्ति और समान वितरण पर असर पड़ रहा है। ऐसे में पंचायतें ग्रामीणों को वैध कनेक्शन करवाने, पेयजल बिल समय पर जमा करवाने और पानी का दुरुपयोग रोकने के लिए जागरूक करेंगी। इस योजना का उद्देश्य गांवों में पेयजल व्यवस्था के संचालन में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाना है। एक अप्रैल 2027 तक पहले चरण में 89 ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी सौंपने का लक्ष्य रखा गया है। इससे गांवों में छोटी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग पर निर्भरता कम हो सकेगी। पंचायतों की निगरानी में पेयजल व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिल सकेगी।
वर्जन
ग्राम पंचायतों को पेयजल व्यवस्था संभालने के बाद काफी सुधार आएगा। पेयजल बिल वसूली में भी मदद मिल सकेगी। पानी का रखरखाव एवं प्रबंधन ठीक प्रकार से हो सकेगा। ग्रामीणों की पेयजल संबंधी छोटे स्तर की समस्याओं का समाधान समय रहते हो सकेगा। पंचायतें इस काम के लिए आगे आएं और जिम्मेदारी संभालें।- दारा सिंह, जल प्रबंधन खंड समन्वयक, जनस्वास्थ्य विभाग।