चरखी दादरी। महिला एवं बाल विकास की ओर से इस वर्ष से आंगनबाड़ी केंद्रों पर शुरू किए गए प्ले स्कूलों में विद्यार्थी अक्षर ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। 124 प्ले स्कूलों में तीन से पांच साल के लगभग 1488 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिनका अलग-अलग गतिविधियों से मानसिक, भाषा एवं बौद्धिक विकास किया जा रहा है। जिले में कुल 634 आंगनबाड़ी केंद्र हैं।
इन प्ले स्कूलों में सरकार ने बच्चों के लिए निजी स्कूलों की तर्ज पर झूले, खेल का सामान, प्री स्कूल किट की सुविधा दी है। इसके अलावा शारीरिक विकास के लिए केंद्र पर बच्चों को पौष्टिक भोजन भी दिया जा रहा हैं। यहां पढ़ाई करने से परिजन निजी स्कूलों में दिए जाने वाले 30 से 35 हजार रुपये के सालाना खर्च से भी बच रहे हैं।
सरकारी प्ले स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए प्लास्टिक की टेबल व मेज की सुविधा है। पढ़ाने के लिए प्री एजुकेशन किट भी उपलब्ध है। इसके अलावा फलों, पक्षियों, पशुओं और अन्य प्रकार के पोस्टर लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से चित्रों एवं अक्षरों की पहचान करवाई जा रही है। कुछ दिनों में आरओ और एलईडी की सुविधा भी प्ले स्कूल के विद्यार्थियों को मिलेगी।
नई शिक्षा नीति के तहत अपग्रेड किए गए आंगनबाड़ी केंद्र
बता दें कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्ले स्कूल शुरू करने के आदेश जारी किए थे ताकि तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाए। ये प्ले स्कूल उन्हीं केंद्रों पर शुरू किए गए हैं जिनमें 12वीं से अधिक शैक्षणिक योग्यता वालीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।
जिले में इस साल से 124 आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्ले स्कूल शुरू किए गए हैं। प्ले स्कूल में निजी स्कूल की तरह सभी सुविधाएं दी गई है। लगभग 1488 बच्चे इसका लाभ भी ले रहे हैं।
-गीता सहारण, सीडीपीओ, चरखी दादरी