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लोकतंत्र में लाठी और गोली के दम पर नहीं दबाई जा सकती आवाज : रणधीर कुंगड़

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कितलाना टोल प्लाजा पर अनिश्चित कालीन धरने पर नारेबाजी करते किसान - फोटो : CharkhiDadri
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गणतंत्र दिवस के दिन किसान परेड में बढ़चढ़कर भाग लेने पर विभिन्न खाप, सामाजिक, कर्मचारी व किसान संगठनों ने क्षेत्रवासियों का आभार जताया गया है।
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किसान नेता रणधीर कुंगड़ ने कहा कि पुलिस ने किसान परेड में कई जगह न केवल व्यवधान डाला, अपितु लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया जो बेहद निंदनीय है। लोकतंत्र में लाठी गोली के दम पर जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। इन घटनाओं के बावजूद किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से किसान परेड निकाल सरकार को चेताने का काम किया है। उन्होंने कहा कि लाल किला के घटनाक्रम में सरकारी षड्यंत्र की बू आ रही है।
इस मौके पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान ने कहा कि किसान परेड ने सरकार को दिखा दिया है कि कोई भी ताकत देश के अन्नदाताओं को झुका नहीं सकती।
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34वें दिन नरसिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, रणधीर कुंगड़, मास्टर राज सिंह, गंगाराम श्योराण, राजू मान, सुभाष यादव ने धरने की संयुक्त रूप से अध्यक्षता की।
राजू मान ने कहा कि लाखों किसान जुटने और पुलिस के बर्बर रवैये के बावजूद किसी भी सरकारी या प्राइवेट प्रॉपर्टी को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा।
इस अवसर पर ओमप्रकाश ,सूरजभान सांगवान, सुरेश फौगाट, धर्मेंद्र छपार, बलबीर, कमलेश भैरवी, बीरमती डोहकी, कृष्णा सांगवान, रामफल देशवाल, शब्बीर हुसैन, राजबीर बोहरा, अजित सांगवान, शमशेर सांगवान, मंगल, दिलबाग ढुल, प्रेम सिंह, सूरजभान मंदोली आदि मौजूद रहे।
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