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चरखी दादरी: 56 साल में बाढड़ा को 3 तो दादरी हलके को नहीं मिली एक भी महिला विधायक

Wed, 20 Sep 2023 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हनी सोनी, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)

सार

एक और खास बात ये है कि बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक मत मौजूदा विधायक नैना चौटाला ने हासिल किए हैं। 2019 में हुए चुनाव के दौरान उन्हें 52809 मत प्राप्त हुए जो अब तक के दोनों हलकों के इतिहास में सर्वाधिक है। 
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हरियाणा विधानसभा सत्र। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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विधानसभा और लोकसभा सीटों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से दादरी जिले के राजनैतिक समीकरण भी बदल जाएंगे। दादरी जिले में दादरी और बाढड़ा दो विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से 56 साल के राजनीतिक इतिहास में दादरी हलके से आज तक कोई महिला विधायक नहीं बनी है। वहीं, बाढड़ा की बात करें तो तीन महिला विधायक अब तक बनी हैं।
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वर्ष 1967 से लेकर 2019 तक की बात करें तो दादरी और बाढड़ा हलके से 13-13 विधायक चुने गए हैं। ओवरऑल बात करें तो दोनों हलकों से ज्यादातर पुरुष ही विधानसभा में पहुंचे हैं। दादरी हलके से तो आज तक किसी महिला को विधानसभा में जाने का अवसर तक नहीं मिला है जबकि बाढड़ा हलके से वर्ष 1972, 1982 और 2019 में महिला विधायक चुनी गई हैं।


वर्ष 1967 से 2019 तक दादरी हलके से बने विधायक
वर्ष         विजेता          पार्टी       प्राप्त मत

  • 1967      गणपतराय     कांग्रेस     13782
  • 1968      गणपतराय     कांग्रेस     11864
  • 1972      गणपतराय    एनसीओ    17922
  • 1977      हुकम सिंह    जेएनपी     14449
  • 1982      हुकम सिंह    लोकदल    20943
  • 1987      हुकम सिंह    लोकदल    25677
  • 1991      धर्मपाल        हविपा       20918
  • 1996      सतपाल        हविपा       33690
  • 2000      जगजीत      एनसीपी      23943
  • 2005      नृपेंद्र सिंह     कांग्रेस      29164
  • 2009      सतपाल        हजकां      22790
  • 2014     राजदीप फौगाट  इनेलो   43400
  • 2019  सोमबीर सांगवान  निर्दलीय 43849

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पिछले 56 साल का ये है बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र का इतिहास
वर्ष - विजेता - पार्टी - प्राप्त मत

  • 1967 - अत्तर सिंह - निर्दलीय - 15003
  • 1968 - अमीर सिंह - बीएचपी - 11460
  • 1972 - लज्जा रानी - कांग्रेस - 21591
  • 1977 - रणसिंह मान - जेएनपी - 17423
  • 1982 - चंद्रावती - लोकदल - 21905
  • 1987 - रणसिंह मान - लोकदल - 31279
  • 1991 - अत्तर सिंह - हविपा - 29250
  • 1996 - नृपेंद्र सिंह - हविपा - 42142
  • 2000 - रणबीर सिंह - इनेलो - 25205
  • 2005 - धर्मबीर सिंह - कांग्रेस - 42981
  • 2009 - रघुबीर सिंह - इनेलो - 34280
  • 2014 - सुखविंद्र मांढ़ी - भाजपा - 39139
  • 2019 - नैना चौटाला - जजपा - 52809



राजनेता बोलीं- महिलाओं को भी राजनीति में आने का पूरा हक
जजपा तो इसकी पक्षधर रही है। यही कारण है कि महिलाओं को पहले पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिलाया गया और इसका परिणाम ये है कि आज हर दूसरे गांव की सरपंच महिला है। इसके बाद राशन डिपो में महिलाओं को 33 प्रतिशत कोटा दिया गया। अब विधानसभा में महिलाओं को कोटा मिलने के लिए प्रयास सराहनीय है और इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। -नैना चौटाला, विधायक, बाढड़ा

महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्हें भी हर क्षेत्र में आगे आने का हक है। विधानसभा और लोकसभा में जाकर महिला वर्ग की आवाज को बुलंद कर पूरा करवाने में आसानी होगी। जो नई व्यवस्था लागू होगी उसके अनुसार सोच-समझकर हलकों का चयन किया जाना चाहिए। मेरा मानना है कि उन हलकों को प्राथमिकता दी जाए जहां से आज तक कोई महिला विधायक नहीं बनी है। -मनीषा सांगवान, कांग्रेस प्रवक्ता एवं महिला विंग प्रदेश महासचिव

भाजपा शुरुआत से ही महिलाओं को आगे लाने के लिए अहम फैसले ले रही है। पहले महिलाओं को ग्राम पंचायतों में और उसके बाद राशन डिपो में आरक्षण दिया गया। अब विधानसभा और लोकसभा में भी 33 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला स्वागत योग्य है। महिलाओं को राजनीति में आने का पूरा हक है और उन्हें ये मौका मिलना बेहद जरूरी है। सरकार के इस निर्णय से महिलाएं और सशक्त होंगी। -सुनीता दांगी, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा

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