जिला स्तरीय लघु सचिवालय के निर्माण की कवायद जल्द शुरू होती नजर आ रही है। वीरवार को सचिवालय निर्माण के लिए चिह्नित जगह पर बनीं अवैध इमारतों को प्रशासनिक अमले ने ढहा दिया। डेमोलेशन (तोड़फोड़) की कार्रवाई का वहां मकान बनाकर रहने वाले लोगों ने विरोध किया लेकिन पुलिसकर्मियों ने सख्ती बरतते हुए खदेड़ दिया। कुछ जगहों पर कार्रवाई रुकवाने के लिए लोग बिल्डिंग में भी घुसे लेकिन पुलिस कर्मियों ने बाहर निकाल लिया। इसके चलते कुछ देर तक जेसीबी बंद भी करनी पड़ी।
लघु सचिवालय निर्माण के लिए कनीना रोड पर अनाज मंडी के सामने की जगह चिह्नित की गई है। यहां करीब 50 एकड़ जमीन पर कोर्ट कॉम्प्लेक्स और लघु सचिवालय का निर्माण किया जाना है। करीब साढ़े 23 एकड़ जमीन पर लघु सचिवालय और 26 एकड़ जमीन पर कोर्ट कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाया जाना है।
इसके लिए जो जगह चिह्नित की गई है वो हुडा प्रशासन की है। हुडा लघु सचिवालय की जमीन को राजस्व विभाग को ट्रांसफर कर चुका है जिसके बदले करीब 48 करोड़ का भुगतान भी किया जा चुका है। कोर्ट कॉम्पलेक्स के लिए चिह्नित जगह पर कुछ अड़चने हैं जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। वीरवार को जिला प्रशासन ने लघु सचिवालय के लिए चिह्नित जगह पर बनीं अवैध इमारतों को जेसीबी से ढहा दिया।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे टीम ने नई अनाज मंडी के सामने से कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई शुरू होते ही वहां पहुंचे लोगों ने जमीन पर मालिकाना हक बताते हुए कार्रवाई का विरोध किया। वहीं, टीम ने उनके दावों को झूठा बताते हुए निर्माण को अवैध बताया। इस कार्रवाई के लिए उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने बीडीपीओ सुभाषचंद्र को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया और पुलिस फोर्स को भी टीम के साथ भेजा गया। डेमोलेशन की कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों के अलावा पटवारी भी मौजूद रहे। यह कार्रवाई शाम करीब पांच बजे तक चली और करीब साढ़े चार घंटे की कार्रवाई में 20 से इमारतें तोड़ी गईं।
सरकार से राजस्व विभाग को मिले 102 करोड़ : प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो करीब 50 एकड़ जमीन पर लघु सचिवालय और कोर्ट कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जाना है। जिस जमीन पर इनका निर्माण कराने की प्लानिंग है वह कई साल पहले हुडा ने अधिग्रहित की थी। यह जमीन हुडा ने राजस्व विभाग को ट्रांसफर कर दी है और इसके बदले करीब दो करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से भुगतान किया गया है। सरकार ने राजस्व विभाग को जमीन ट्रांसफर कराने के लिए 102 करोड़ रुपये दिए हैं। राजस्व विभाग लघु सचिवालय की जमीन के बदले करीब 47 करोड़ रुपये हुडा को दे चुका है।
लोग बोले: बिन नोटिस दिए ढहा दिए आशियाने : संतरा देवी व उमराव ने बताया कि उन्होंने 2007 में करीब 1525 गज जगह खरीदी थी। उन्हें यहां मकान बना रखा है। वीरवार को यहां पहुंची प्रशासनिक टीम ने जेसीबी से आशियाना ढहा दिया। इससे पहले उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही जमीन के बदले जमीन। उन्होंने बताया कि पहले झाड़ली प्लांट में उनकी जमीन एक्वायर हो गई थी और इसके बाद उन्होंने यहां जगह खरीदी थी। अब प्रशासन ने यह जगह उनसे छीन ली। वहीं, महिला शीला ने बताया कि उन्होंने भी 2008 में यहां 100 गज जमीन ली थी। प्रशासन ने बिना नोटिस दिए उनका मकान तोड़ दिया।
कार्रवाई के लिए मुझे ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। लघु सचिवालय के चिह्नित जगह पर किए गए अवैध निर्माण ढहाए हैं। यहां लघु सचिवालय का निर्माण होना है। -सुभाषचंद्र, बीडीपीओ एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट।
कार्रवाई में हमने किसी को खलल नहीं डालने दी। लॉ एंड ऑर्डर को कायम रखने के लिए मौके पर पुलिस फोर्स तैनात थी। कुछ लोगों ने विरोध करने का प्रयास किया लेकिन उन्हें वहां से हटा दिया गया। -बलबीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी।