चरखी दादरी। इग्नू ने मास्टर ऑफ साइंस (एमएससी) क्लाइमेट चेंज प्रोग्राम शुरू करके भारत की पहली ओपन यूनिवर्सिटी बनने का एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। यह समय की सबसे जरूरी वैश्विक चुनौतियों में से एक से निपटने की दिशा में एक अहम कदम है।
इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्म पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि क्लाइमेट चेंज दुनिया भर में इकोसिस्टम, अर्थव्यवस्थाओं और इंसानी भलाई पर तेजी से असर डाल रहा है। सस्टेनेबल और मजबूत समाधान विकसित करने में सक्षम ट्रेंड प्रोफेशनल्स की तत्काल जरूरत को समझते हुए इग्नू ने यह नया मल्टी-डिसिप्लिनरी प्रोग्राम डिजाइन किया है। इसका उद्देश्य सीखने वालों को क्लाइमेट साइंस, क्लाइमेट रिस्क, अनुकूलन और शमन रणनीतियों, पर्यावरण गवर्नेंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की पूरी समझ देना है।
इस प्रोग्राम में दाखिले के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन जरूरी है। दो साल के इस प्रोग्राम में 80 क्रेडिट हैं और यह सीखने वालों को लचीलापन देता है। जो छात्र सफलतापूर्वक पहला साल पूरा कर लेते हैं, वे क्लाइमेट चेंज में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा लेने का विकल्प भी चुन सकते हैं। इग्नू के विभिन्न कार्यक्रमों में दाखिले की अंतिम तिथि 15 जुलाई है।