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Charkhi Dadri News: पहली और दूसरी मंजिल पर है जाना, तो आना चाहिए लिफ्ट चलाना

Fri, 18 Jul 2025 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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लघु सचिवालय की पहली मंजिल तक पहुंचने के लिए लिफ्ट को स्वयं खोलते लोग। 
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चरखी दादरी। जिला लघु सचिवालय में प्रशासन ने और एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल) में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को लिफ्ट सुविधा तो दे दी है, लेकिन, दोनों ही जगह ऑपरेटर की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में लोगों को स्वयं ही लिफ्ट चलानी पड़ रही है। वहीं, लिफ्ट चलाने में असमर्थ बुजुर्ग व अशिक्षित लोग सीढ़ी चढ़ने के लिए विवश हैं। वहीं, ऑपरेटर की कमी से लिफ्ट में कोई हादसा भी हो सकता है।
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लघु सचिवालय में करीब सात साल पहले लिफ्ट लगी थी, लेकिन, आज तक यहां ऑपरेटर तैनात नहीं हुआ है। वहीं, मातृ-शिशु अस्पताल में करीब 9 माह पहले लिफ्ट सुविधा मरीजों को दी गई थी। यहां भी आज तक ऑपरेटर की तैनाती नहीं हो पाई है।
दोनों जगहों पर प्रतिदिन 500 से 550 लोग लिफ्ट प्रयोग करते हैं। नीचे से ऊपर व ऊपर से वापस नीचे आने के लिए उन्हें खुद ही बटन दबाने पड़ते हैं। परेशानियों को देखते हुए लोगों ने जिला प्रशासन से लिफ्ट संचालन के लिए तुरंत प्रभाव से ऑपरेटरों की नियुक्ति करने की मांग की है। ताकि, लोगों को सहूलियत मिल सके और हादसे से भी बचा जा सके।
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- सचिवालय में लगी हैं दो लिफ्ट
शहर के लघु सचिवालय में पहली व दूसरी मंजिल पर बने अधिकारियों के कार्यालयों तक फरियादियों को पहुंचाने के लिए दो लिफ्ट लगाई गई हैं। दोनों ही लिफ्ट में ऑपरेटर तैनात नहीं है। यहां बुजुर्ग और अशिक्षित लोगों का आगमन अधिक रहता है। देहात क्षेत्र से जुड़े होने के कारण वे लिफ्ट संचालन में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में उन्हें सीढ़ी से आवाजाही करनी पड़ती है। चढ़ने-उतरने में ही बुजुर्गाें की सांसें फूल जाती हैं।
- लोग बोले- एमसीएच में भी हो ऑपरेटर तैनात
सरदार झाड़ूसिंह चौक के पास बने एमसीएच में पहली, दूसरी व तीसरी मंजिल तक मरीजों को पहुंचाने के लिए एक लिफ्ट लगवाई गई है, लेकिन, यहां भी ऑपरेटर नहीं है। संदीप फोगाट, जयभगवान, सुरेश पांडवानिया, राजेश सोनी आदि ने बताया कि अचानक बिजली गुल होने की स्थिति या तकनीकी खराबी आने के कारण लिफ्ट कभी भी बंद हो सकती है। ऐसे में कोई हादसा भी संभव है। इसे रोकने के लिए ऑपरेटर की नियुक्ति होनी चाहिए।


लघु सचिवालय में इन अधिकारियों के बने हैं कार्यालय

जिले के लघु सचिवालय की पहली मंजिल पर जिला उपायुक्त कार्यालय, एसपी कार्यालय, डीएसपी हेडक्वार्टर ऑफिस बने हुए हैं। यहां प्रतिदिन 200 से अधिक लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। वहीं, भवन की दूसरी मंजिल पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों, सुरक्षा शाखा व जिला गुप्तचर विभाग कार्यालय भी बना हुआ है।

- एमसीएच में किस तल पर है क्या सुविधा
मातृ शिशु अस्पताल की पहली मंजिल पर जच्चा-बच्चा वार्ड, अल्ट्रासाउंड कक्ष, एसएनसीयू वार्ड व लेबर रूम बना है। दूसरी मंजिल पर डेंगू मलेरिया लैब, होम्योपैथिक चिकित्सा केंद्र, जिला ड्रग्स अधिकारी कार्यालय, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय है। तीसरी मंजिल पर डायलिसिस केंद्र बनाया गया है। यहां बनीं लिफ्टों से प्रतिदिन 350 से अधिक मरीजों और स्टॉफ सदस्यों का आवागमन होता है।



मुख्यालय की ओर से 200 बेड अस्पताल के अनुसार कर्मचारियों की लिस्ट मांगी गई है। हमने अस्पताल में कर्मचारियों की कमी के बारे में मुख्यालय को अवगत करवाने के साथ लिखित में भी दिया गया है। कर्मचारियों की नियुक्ति होने के बाद ही लिफ्टों में ऑपरेटर की नियुक्ति हो पाएगी।
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-डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग
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