संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मनदीप कौर ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार निर्वाचन आयोग की तय सीमा से 90 लाख से अधिक राशि खर्च करता है तो जीत के बावजूद उसका परिणाम रद्द किया जा सकता है। चुनाव खर्च पर निर्वाचन आयोग की पूरी निगरानी होगी और इसके लिए आधा दर्जन से अधिक टीमें गठित की गई है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एक उम्मीदवार लोकसभा चुनाव में 90 लाख रुपये तक की राशि ही खर्च कर सकता है। जिले में चुनावी खर्च का हिसाब-किताब रखने के लिए टीमें बना दी गई हैं। उन्होंने बताया कि ये टीमें चुनाव के दौरान खर्च पर निगाह रखने वाले ऑब्जर्वर के निर्देशानुसार कार्य करेंगी। चुनावी प्रक्रिया के दौरान तीन बार उम्मीदवार कार्यालय में आकर अपने खर्च का ब्योरा प्रस्तुत करेंगे। इसका एक शेडो रजिस्टर नोडल अधिकारी अपने पास रखेंगे, जिससे मिलान किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनावी खर्च के लिए गठित टीमें उम्मीदवारों द्वारा किए जाने वाले प्रचार-प्रसार सामग्री, जनसभा के दौरान लगने वाले पांडाल व कुर्सी आदि की वीडियोग्राफी के माध्यम से खर्च का आकलन करेंगी। इसको उम्मीदवार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले खर्च से मिलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन सब चीजों के बाकायदा सरकारी रेट तय किए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि चुनावी खर्च निगरानी कार्य को बड़ी ही गंभीरता के साथ करें, किसी भी तरह से कोई चूक न रहे।