चरखी दादरी। जिगर के टुकड़ों के दिल में छेद होने की चिंता माता-पिता को खाए जा रही है। इधर, रोहतक पीजीआई ऑपरेशन की तारीख नहीं दे रहा है। दादरी जिले में ऐसे एक नहीं, बल्कि, चार केस हैं, जिन्हें ऑपरेशन की तारीख नहीं मिल पाई है। तीन ऑपरेशन के एवज में साढ़े 4 लाख रुपये की राशि दादरी स्वास्थ्य विभाग पीजीआई प्रशासन को दे चुका है।
इस समय दादरी स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिल के छेद बीमारी से ग्रस्त सात बच्चों का उपचार कराया जा रहा है। तीन का उपचार दवाओं के जरिये किया जा रहा है। विशेषज्ञ ने चार का ऑपरेशन करना ही विकल्प बताया है। दादरी सिविल अस्पताल में इस ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। ऐसी स्थिति में विभाग अपने स्तर पर खर्च वहन कर ऐसे बच्चों के ऑपरेशन रोहतक पीजीआई या फिर पैनल में शामिल अस्पतालों में करवाता है।
जिले के चार बच्चों का ऑपरेशन कराने के लिए रोहतक पीजीआई से तारीख मांगी जा चुकी है। एक बच्चे को चार माह बाद जबकि तीन को एक माह बाद भी तारीख नहीं मिल पाई है। प्रति बच्चा ऑपरेशन फीस डेढ़ लाख रुपये है। दादरी स्वास्थ्य विभाग 4.5 लाख की राशि का भुगतान पीजीआई को कर चुका है। संवाद
किस उम्र के बच्चे का कब से लटका ऑपरेशन
केस : 1- 4 साल के लड़के के दिल में छेद
कबीर बस्ती निवासी चार वर्षीय बच्चे के दिल में छेद है। उसका ऑपरेशन ही विकल्प है। बच्चे के माता-पिता ऑपरेशन की तारीख का पता लगाने के लिए बार-बार विभाग के चक्कर काट रहे हैं। नतीजा सिफर है।
केस : 2- 9 साल की लड़की को तारीख मिलने का इंतजार
बाढड़ा उपमंडल के गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले डालावास गांव में 9 वर्षीय बच्ची के दिल में छेद जांच के दौरान मिला। माता-पिता उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल लाए। इस बच्ची को भी ऑपरेशन की तारीख नहीं मिली है।
केस3:- 3 साल की बच्ची के माता-पिता भी चिंतित
संतोकपुरा पीएचसी क्षेत्र में एक तीन वर्षीय बच्ची के दिल में भी छेद है। करीब एक माह पहले दादरी स्वास्थ्य विभाग पीजीआई को डेढ़ लाख रुपये की राशि भेज चुका है। इसके बावजूद पीजीआई की ओर से बच्ची के ऑपरेशन की तारीख नहीं दी गई है।
तीन केस की एस्टीमेट राशि रोहतक पीजीआई में जमा करवा चुके हैं। जैसे ही ऑपरेशन की तारीख वहां से मिलेगी, बच्चों के माता-पिता को सूचित कर दिया जाएगा। जल्द ही तारीख मिलने की उम्मीद है। इस समय दिल में छेद की समस्या से ग्रस्त 7 बच्चों का उपचार चल रहा है। -डॉ. सोनिया जांगड़ा, डीईआईसी मैनेजर, दादरी स्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।