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कपास की अगेती बिजाई से मिलेगी गुणवत्तापूर्ण पैदावार : डॉ. चंद्रभान

Sun, 26 Apr 2026 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। जिले में कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए समय पर बुवाई इस बार बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कृषि विभाग के वरिष्ठ विषय विशेषज्ञ डॉ. चंद्रभान श्योराण ने किसानों को सलाह दी है कि कपास की अगेती बिजाई करने से भरपूर और गुणवत्तापूर्ण पैदावार प्राप्त की जा सकती है।
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उन्होंने कहा कि किसी भी फसल की सफलता में सही समय पर बुवाई की सबसे अहम भूमिका होती है, खासकर कपास जैसी नगदी फसल में। पिछले कुछ वर्षों में कपास, चरखी दादरी जिले में खरीफ सीजन की प्रमुख नगदी फसल के रूप में उभरी है। यह किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ रबी फसल के लिए आर्थिक आधार भी तैयार करती है।
डॉ. श्योराण ने बताया कि जिले की अधिकांश भूमि रेतीली और अर्ध-रेतीली है, जो कपास की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है। दक्षिण हरियाणा के बड़े हिस्से में भी यही स्थिति है, जहां अगेती बिजाई किसानों के लिए अधिक लाभकारी साबित होती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अप्रैल माह में ही कपास की बुवाई शुरू कर दें। यदि किसी कारणवश देरी हो जाए तो 10 मई से पहले हर हाल में बिजाई पूरी कर लें, ताकि फसल को अनुकूल मौसम का पूरा लाभ मिल सके।
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में बीटी कपास की खेती अधिक प्रचलित है और सरकार द्वारा अनुमोदित कई किस्में इस क्षेत्र के लिए उपयुक्त मानी गई हैं। इनमें अजीत 133-2, अजीत 33-2, अंकुर 3244, अंकुर 3228, नुजिविडु 9002, नुजिविडु 9024, रासी 773, रासी 776, रासी 791, रासी 605 और रासी 650 प्रमुख हैं।
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