चरखी दादरी। शहर के सटे गांव रावलधी स्थित 500 साल पुराना ऐतिहासिक तालाब रख रखाव के अभाव में बदहाल पड़ा है। कभी लोग तालाब के पानी से खिचड़ी पकाकर खाते थे जबकि यहां तैराकी स्पर्धाएं भी आयोजित की जाती थी। परिवार का हर सदस्य तैराकी में निपुण होता था, लेकिन अब तालाब की बिगड़ी सूरत के कारण तैराकी तो दूर की बात है, पशुपालकों ने पशुओं को पानी पिलाना भी छोड़ दिया है। विरासत का ये गहना उपेक्षा के कारण अपनी चमक खो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की समय रहते छटाई नहीं होने से लगातार गंदगी बढ़ती रही। अब तालाब की छंटाई करवाने के साथ मरम्मत कराने की जरूरत है।गांव के बुजुर्ग सुखबीर सिंह, जिले सिंह व रणधीर सिंह का कहना है कि यह तालाब अपने सुंदरीकरण के लिए प्रसिद्ध था जो आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पहले रावलधी के अलावा गांव कमोद, मिर्च, घिकाड़ा ,खातीवास व झिंझर के पशुपालक तालाब पर पशुओं को पानी पिलाने आते थे जबकि महिलाएं यहां तैराकी करती थीं। ग्रामीणों से जिला प्रशासन से ऐतिहासिक तालाब की सुध लेने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पिछले 8 सालों से तालाब की दशा ज्यादा बिगड़ गई है। हालात ऐसे बने है कि तालाब में दूषित पानी पहुंच रहा है।
- यह बोले ग्रामीण
- तालाब के चार घाट बनाए गए थे। इसमें पानी घाट से ग्रामीण पीने का पानी इस्तेमाल करते थे। गऊघाट पशुओं को पानी पिलाने के लिए बनाया गया था जबकि शीशवाला घाट नहाने के लिए बनाया गया था। पिछले लंबे समय से तालाब बदहाल है।
सुखबीर सिंह
- तालाब में पहले तैराकी स्पर्धाओं का आयोजन किया जाता था, जिससे बच्चों में तैराकी सीखने की रूचि बनी रहती थी। यह काफी पुराना तालाब है और जिला प्रशासन को जल्द से जल्द इसकी सुध लेकर कायाकल्प कराना चाहिए।
रणधीर सिंह
- गांव का दूषित पानी तालाब में पहुंच रहा है और इसके चलते दशा बिगड़ती जा रही है। पिछले कई सालों से तालाब की तरफ अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया है जबकि यह जिले का काफी पुराना जोहड़ है। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
गुलाब सिंह
- तालाब का पानी पहले स्वच्छ होता था, जिसके कारण आस-पास के ग्रामीण ऊंटों पर पानी भरकर ले जाते थे। लंबे समय से तालाब की हालत खराब बनी है और ग्राम पंचायत, विभाग और प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
जिले सिंह,
तालाब को अमृत सरोवर योजना में शामिल करवाने के लिए चार माह पहले प्रपोजल बनाकर विधायक के पास भेजा गया था। जल्द ही इसे स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद तालाब की सूरत बदली जाएगी।
अनीता देवी, सरपंच, रावलधी