बाढड़ा। उपमंडल की स्वास्थ्य सेवाएं बीमार हैं और स्वास्थ्य विभाग लंबा समय बीतने के बाद भी उपचार नहीं कर पाया है। इस समय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक स्टाफ और संसाधनों की कमी बनी है।
आलम यह है कि उपमंडल स्तर की मूलभूत सुविधाओं का लाभ भी मरीजों को नहीं मिल पा रहा। वहीं, विभाग व सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। बाढड़ा उपमंडल की बात करें तो यहां गोपी और झोझूकलां में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं जबकि बाढड़ा, हड़ौदी, कादमा, संतोकपुरा व माईकलां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर मेडिकल ऑफिसर से लेकर फार्मासिस्ट व अन्य पद खाली पड़े हैं। उपमंडल क्षेत्र की दो पीएचसी तो इस समय बिना मेडिकल ऑफिसर के चल रही हैं। वही, लंबा समय बीतने के बाद भी स्टाफ व संसाधनों की कमी दूर नहीं हुई है।
बाढड़ा उपमंडल के अधीन करीब 52 गांव आते हैं और उपमंडल क्षेत्र की आबादी करीब तीन लाख है। यहां स्वास्थ्य सेवाओं की कमी लंबे समय से बनी है जो अब तक दूर नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा मरीजों व तीमारदारों को भिवानी, हिसार व रोहतक आदि जिलों की भागदौड़ कर भुगतना पड़ रहा है।
उपमंडल स्तरीय अस्पताल के निर्माण की मांग
बाढड़ा क्षेत्र के मौअजिज लोगों ने मंगलवार को किसान भवन में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बाढड़ा के अंदर उपमंडल स्तरीय अस्पताल बनाने की भी मांग उठाई थी। लोगों ने जनप्रतिनिधि समेत सरकार और स्वास्थ्य विभाग से इस मांग की तरफ ध्यान देकर पूरा करवाने की अपील भी की थी।
लोग बोले: बीमार स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार करे सुधार
- बाढड़ा उपमंडल की दोनों सीएचसी में से कहीं भी एक्स-रे सुविधा नहीं है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए उपमंडल के लोगों को 35 किलोमीटर दूर स्थित दादरी नागरिक अस्पताल जाना पड़ता है।
आनंद वालिया, ग्रामीण
- बाढड़ा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं लंबे समय से बीमार हैं और सरकार को इनमें सुधार करवाना चाहिए। स्वास्थ्य के मामले में बाढड़ा क्षेत्र के लोग भिवानी, रोहतक या हिसार जिले पर निर्भर हैं और यहां पहुंचने में दिक्कतें होती हैं।
राकेश कुमार, ग्रामीण
- बाढड़ा उपमंडल के लोगों को चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सीएचसी व पीएचसी में संसाधनों की कमी है और स्टाफ भी पूरा नहीं है। इसके चलते लोगों को उपचार के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है जो महंगा है।
विकास कुमार, ग्रामीण
- उपमंडल बनने के बाद से अब तक स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार नहीं हुआ है जिससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। लोगों को दादरी नागरिक अस्पताल जाना पड़ता है। बाढड़ा में उपमंडल स्तर का अस्पताल होना चाहिए। रघवीर श्योराण, ग्रामीण