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स्वास्थ्य: जिले को ईएनटी समेत 28 चिकित्सक मिले

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चरखी दादरी सिविल अस्पताल भवन। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर जिले के लिए राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद जिले को ईएनटी समेत 28 नए चिकित्सक मिले हैं। जल्द ही ये चिकित्सक ज्वाइन कर लेंगे और उसके बाद उनकी तैनाती सिविल अस्पताल के अलावा एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल), सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) पर की जाएगी। हालांकि 28 चिकित्सक मिलने के बाद भी जिले में अभी चिकित्सकों के 29 पद खाली पड़े हैं।
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जिले में चिकित्सकों के 99 पद स्वीकृत हैं जबकि 28 नए चिकित्सक मिलने से पहले जिले मे 42 ही चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे थे। खासकर विशेषज्ञों की जिले में लंबे समय से कमी बनी हुई है। ईएनटी की अगर बात करें तो कई सालों से यह पद खाली था और इसके चलते आंख, कान और गले के मरीजों को उपचार के लिए भिवानी या रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा था। जल्द ही ईएनटी समेत अन्य चिकित्सकों के ज्वाइन करने की उम्मीद है और इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने इनकी तैनाती की रूपरेखा तैयार कर ली है।
नए चिकित्सक मिलने के बाद विभाग की योजना की अगर बात करें तो सिविल अस्पताल में 16 चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा मातृ-शिशु अस्पताल में छह चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। झोझूकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक जबकि बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चार चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दिए जाएंगे। पीएचसी सांवड़ में भी एक चिकित्सक तैनात किया जाएगा।
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- जिले में हैं 17 स्वास्थ्य और 55 उप स्वास्थ्य केंद्र
जिले में सिविल अस्पताल के अलावा एक मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके अलावा जिले में करीब 55 उप स्वास्थ्य केंद्र भी हैं। प्रतिदिन इन सभी स्वास्थ्य और उप स्वास्थ्य केंद्रों की दैनिक ओपीडी 1300 पार रहती है।
- फिजिशयन और पीडिट्रिशियन के लिए करना पड़ेगा इंतजार
जिले में 18 वर्ष तक के बच्चों की संख्या करीब 80 हजार है। खास बात यह है कि जिले में एक भी पीडिट्रिशियन (बाल रोग विशेषज्ञ) तैनात नहीं है। इसके अलावा जिले में एक भी फिजिशियन नहीं है। चर्म रोग विशेषज्ञ व अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट की कमी भी जिले को लोग झेल रहे हैं। इन विशेषज्ञों के लिए जिले को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
- तीन पीएचसी में तैनात नहीं चिकित्सक
जिले में तीन पीएचसी ऐसी हैं जहां स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सक ही तैनात नहीं किए हैं। इनमें सांवड़, इमलोटा और माई कलां शामिल है। सांवड़ मे जहां डेंटल सर्जन से काम चलाया जा रहा है तो माई कलां में फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार कर रहा है। इमलोटा में तो चिकित्सक के अलावा डेंटल सर्जन या फार्मासिस्ट तक नहीं है। अब नए चिकित्सकों में से कुछ की तैनाती यहां भी की जाएगी।
जानिये...स्वास्थ्य केंद्रों पर क्या है चिकित्सकों के स्वीकृत पद और तैनाती की स्थिति
स्वास्थ्य केंद्र - चिकित्सकों के स्वीकृत पद - तैनात - खाली पद- नए चिकित्सक
सिविल अस्पताल - 42-12- 30- 16
मातृ-शिशु अस्पताल - 8-2-6-6
सीएचसी - 24-9-15-5
पीएचसी -24-13-11-1
जिले को ईएनटी समेत 28 नए चिकित्सक मिले हैं। जल्द ही ये चिकित्सक ज्वाइन कर लेंगे और उसके तुरंत बाद इनकी तैनाती अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर कर दी जाएगी। इसके अलावा जिले को हाल ही में 48 सीएचओ भी मिले हैं। इससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
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-डॉ. कृष्ण सिंह, सीएमओ, चरखी दादरी
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