चरखी दादरी। नागरिक अस्पताल के जिस सुरक्षाकर्मी को सीटीएम (सिटी मजिस्ट्रेट) ने ड्यूटी पर शराब पिए पकड़ा था, उसे 11 माह बाद अधिकारियों ने दोबारा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत नौकरी पर रख लिया। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शिकायत भेजी थी। मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. अनिल बिरला बुधवार को दादरी पहुंचे। सीएमओ कार्यालय में उन्होंने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, निदेशक ने सुरक्षाकर्मी को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। हालांकि, अभी पुष्टि नहीं की गई है।
जितेंद्र जटासरा की ओर से जो शिकायत भेजी गई थी, उसमें कार्यवाहक सीएमओ डॉ. राजविंद्र मलिक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि 28 जुलाई 2022 को तत्कालीन सीटीएम नरेंद्र मटोरिया ने रात के समय नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया था। रात करीब साढ़े 10 बजे नागरिक अस्पताल पहुंचे सीटीएम को एचकेआरएन के तहत लगे दो कर्मचारी शराब पिए मिले थे। इनमें सुरक्षाकर्मी अनदीप भी शामिल था। वहीं, सीटीएम की ओर से दोनों कर्मचारियों पर शहर पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 18 अगस्त 2022 को सीएमओ कार्यालय की ओर से एचकेआरएन के तहत लगे सुरक्षाकर्मी अनदीप और वार्ड सर्वेंट अनिल कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के सीईओ को पत्र लिखा था। लेकिन, सुरक्षाकर्मी अनदीप ने सांठगांठ कर जांच को दबा दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने 28 दिसंबर 2022 को नागरिक अस्पताल में फर्जी रसीद बुक के जरिये गबन का मामला पकड़ते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें सुरक्षा कर्मी अनदीप नामजद था। इस मामले में भी वह कार्रवाई रोकने के लिए दादरी कार्यवाहक सीएमओ से सांठगांठ कर गया।
- गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई तैनाती, नहीं पहुंचा सुरक्षाकर्मी
जितेंद्र जटासरा ने शिकायत में बताया कि 5 अक्तूबर 2023 को सुरक्षाकर्मी अनदीप की ड्यूटी नागरिक अस्पताल के बजाय गोपी सीएचसी में लगा दी गई। उसने वहां ज्वाइन ही नहीं किया, क्योंकि, उसे पता था कि राजविंद्र मलिक सीनियर एसएमओ हैं। उन्हें ही दादरी के कार्यवाहक सीएमओ का पदभार मिलेगा। जितेंद्र ने बताया कि डॉ. मलिक के पास कार्यवाहक सीएमओ का चार्ज आते ही 27 अगस्त 2024 को उन्होंने बिना रिलीविंग के सुरक्षाकर्मी अनदीप को गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दादरी नागरिक अस्पताल बुला लिया।
- सर्विस रूल्स के नियमों की उड़ाईं धज्जियां
शिकायतकर्ता का आरोप है कि दादरी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सुरक्षाकर्मी मामले में भ्रष्टाचार किया है। साथ ही सरकार के सर्विस रूल्स की भी धज्जियां उड़ाई हैं। जिस कर्मचारी पर दो एफआईआर दर्ज हुई हैं, उस पर विभागीय कार्रवाई तक नहीं की गई। यह अधिकारियों की मिलीभगत दर्शाता है।
- फर्जी रसीद बुक मामले में जेल जा चुका है सुरक्षाकर्मी
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने फर्जी रसीद बुक छपवाकर स्वास्थ्य विभाग में गबन करने का जो मामला पकड़ा था, उसमें करीब 26 माह बाद पुलिस ने नागरिक अस्पताल के सुरक्षाकर्मी व मामले के नामजद आरोपी अनदीप को गिरफ्तार किया है। उसे 12 दिन पहले कोर्ट में पेश किया गया, वहां से जेल भेजा जा चुका है।
- सुरक्षाकर्मी को बर्खास्त करने का दिया आदेश
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक शाम तक नागरिक अस्पताल में रुके। उन्होंने एक डिप्टी सीएमओ के साथ इस मामले पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि निदेशक ने सुरक्षाकर्मी अनदीप को बर्खास्त करने का आदेश दिया है। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसका पालन करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस मामले की जांच के लिए बुधवार को दादरी आया हूं। सभी पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। -डॉ. अनिल बिरला, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं (ट्रेनिंग)
सुरक्षाकर्मी अनदीप के पूर्व में जो मामले हुए वे मेरे कार्यकाल से पहले के हैं। उस दौरान एसएमओ कोई और था। मुझे अनदीप के प्रकरण की जानकारी नहीं थी। पुलिस की जांच भी तब तक पूरी नहीं हुई थी। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। विभाग की ओर से जो जांच की जा रही है, उसमें पूरा सहयोग किया जाएगा। -डॉ. राजविंद्र मलिक, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी