हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के दसवीं कक्षा के परिणाम में चरखी दादरी जिले को नौंवा स्थान मिला है जबकि पिछले दो सालों से जिला प्रदेश में टॉप रहा था। चरखी दादरी जिले का पास प्रतिशत 66.35 प्रतिशत रहा है। जिले का पास प्रतिशत कम होने पर जिला शिक्षा अधिकारी शिक्षकों व छात्र दोनो में ही कहंी न कहीं कमियां रही मान रहे हैं।
शुक्रवार देर सांय शिक्षा बोर्ड ने दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया है। बोर्ड की ओर घोषित परिणाम में चरखी दादरी जिला को नाैंवा स्थान मिला है। प्रदेश में पहला स्थान रेवाड़ी जिले को मिला है। चरखी जिला में 8708 छात्रों ने परीक्षा दी थी जिसमें से 5778 छात्र पास हुए हैं। इस प्रकार जिला का पास प्रतिशत 66.35 प्रतिशत रहा है। जिला में 998 छात्रों को कंपार्टमेंट आई है तथा 1932 छात्र फेल हुए हैं।
लगातार दो बार रहा टॉपर
वर्ष 2018 और 2019 में जिला लगातार दो बार प्रदेश में प्रथम रहा था। इस बार परिणाम में खासी गिरावट आई है। जिले में दादरी, बौंद कलां व बाढड़ा तीन ब्लॉक हैं। राजकीय हाई स्कूलों की संख्या 50 हैं। दादरी और बौंद कलां सक्षम ब्लॉक भी घोषित हो चुके हैं। बौंद कलां ब्लॉक तो सक्षम प्लस का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में परिणाम में गिरावट पर विभाग अधिकारी भी हैरान हैं। अचानक इतना पास प्रतिशत गिरना विभाग अधिकारियों व शिक्षकों के लिए सोचनीय एवं चिंता का विषय है।
विषय वार यह रही पास प्रतिशत
हिंदी विषय की पास प्रतिशत 90.3 रही है। इसी प्रकार अंग्रेजी विषय की पास प्रतिशत 80.9 और गणित विषय की पास प्रतिशत 71.52 रही है। साइंस विषय में 83.57 छात्र पास हुए हैं। सामाजिक अध्ययन में 78.26 छात्र पास हुए हैं। होम साइंस का पास प्रतिशत 80.76 व संस्कृत विषय में 85.48 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। कंप्यूटर साइंस में 95.30 प्रतिशत छात्र और शारीरिक शिक्षा विषय में 84.43 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। आईटी विषय में 87.9 प्रतिशत पास हुए हैं।
क्या कहते हैं डीईओ
परिणाम को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी रामौतार शर्मा का कहना है कि परिणाम इस बार उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। परिणाम प्रतिशत कम रहने पर उन्होंने शिक्षकों और छात्रों दोनों में ही कहीं न कहीं कमियां रहने की बात कही है। उनका कहना है कि परिणाम की स्कूल वाइज समीक्षा एवं विश्लेषण किया जाएगा। जिस भी स्कूल का परिणाम निर्धारित सीमा यानी क्राइटेरिया से कम पाया जाएगा उस स्कूल मुखिया से जवाब मांगा जाएगा। एक दो दिन में परिणाम की बारीकी से स्टडी की जाएगी। उनका कहना है कि जिले का परिणाम प्रथम से नौंवे स्थान पर खिसकना चिंता का विषय है। इस बार शिक्षकों और छात्रों को कड़ी मेहनत करनी होगी। इसके लिए अभी से सार्थक प्रयास किए जाएंगे। शिक्षण विधियों व सहायक सामग्री पर ज्यादा फोकस किया जाएगा।
वहीं, बौंद कलां स्थित आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक एवं मास्टर कृष्ण कुमार का कहना है कि जिले का परिणाम इस बार अच्छा नहीं रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं। शिक्षक और छात्रों ने कही ना कहीं मेहनत कम की है। परीक्षा की पवित्रता से जुड़े भी कई कारण होते हैं।
चरखी दादरी नगर स्थित आदर्श स्कूल के प्रबंधक नवीन श्योराण का मानना है कि जिले को प्रदेश में प्रथम से नौवां स्थान मिलना सोचनीय विषय है। इस बार छात्रों के साथ शिक्षकों को और ज्यादा मेहनत करनी होगी।
- डीईओ रामौतार शर्मा