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शिक्षा विभाग के पास शिक्षक प्रशिक्षण के लिए नहीं भवन की सुविधा

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जिला बने ढाई साल से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन आज भी पटवार भवन कॉलोनियों में चल रहे हैं। शिक्षा व खेल विभाग को अपने कार्यालय नसीब नहीं हुए हैं। इस समय दोनो विभाग किसान मॉडल स्कूल भवन में चल रहे हैं। शहर से चार किलोमीटर दूरी होने व यातायात सुविधा नहीं होने की वजह से खिलाड़ियों, शिक्षकों व छात्रों को बेहद परेशानी झेलनी पड़ रही है। पुलिस लाइन के लिए जवानों को परेड के लिए मैदान नहीं है।
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चरखी दादरी को जिला बने ढाई साल हो गए हैं, लेकिन शिक्षा व खेेल विभाग का नए सिरे से इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं खड़ा हो पाया है, जबकि यह सबसे अहम विभाग माने जाते हैं। चरखी दादरी जिला गत मार्च में शिक्षा बोर्ड परिणाम में भी अव्वल रहा है। जिले के दो ब्लॉक समक्ष हो चुके हैं, लेकिन जिले के लिए शैक्षिक आधारभूत ढांचा आज तक तैयार नहीं हो सका है।
शिक्षक प्रशिक्षण के लिए भवन नहीं
इस समय दादरी और बाैंद कलां बीईओ कार्यालय कंडम घोषित हो चुके भवन में चल रहे हैं। यह भवन राजकीय स्कूल का है जोकि कंडम घोषित किया जा चुका है। इतना ही नहीं सभी अधिकारियों के लिए यहां पर्याप्त जगह भी नहीं है। मीटिंग करने के लिए भी जगह नहीं है। शिक्षा विभाग के पास मीटिंग हॉल का होना बेहद जरूरी है क्योंकि शिक्षकों के प्रशिक्षण भी होते रहते हैं।
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वित्तीय मामलों के निपटान में हो रही देरी
जिले में सेक्शन ऑफिसर की तैनाती होने की वजह से शिक्षा विभाग के सभी वित्तीय मामलों की फाइलों का निपटान समय पर नहीं हो पा रहा है। पे-फिक्सिंग संबंधी विषय, मनी एरियर फाइल, मेडिकल क्लेम व अन्य बजट संबंधी मामलों का निपटान नियमित रूप से जिले में शुरू नहीं हो सका है। सेक्शन ऑफिसर गत 30 जून को रिटायर हो चुका है, लेकिन उसके बाद दादरी जिले का अतिरिक्त चार्ज था जो सप्ताह में एक ही दादरी फाइलों का निपटाने करने आता था। ऐसे में यहां सेक्शन ऑफिसर के रेगुलर पद की जरूरत है।
लघु सचिवालय में भी बनी रहती है भीड़
इस समय लघु सचिवालय में भी कार्यालयों के लिए जगह का अभाव बना हुआ है, ताकि वहां शिक्षा विभाग कार्यालय चलाया जा सके। सचिवालय में भी जैसे-तैसे व्यवस्था कर काम चलाया जा रहा है, फिर भी आधा दर्जन से ज्यादा सरकारी कार्यालय किराए के भवनों में ही चल रहे हैं। पटवारियों को आवासीय कॉलोनियों में किराया के कमरों में काम करना पड़ रहा है, जिससे लोगों को पटवारियों से मिलकर अपने कार्य करवाने में भी काफी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। लोग पटवारियों को कॉलोनियों में ढूंढते रहते हैं।
सेक्शन ऑफिसर 30 जून को रिटायर हो गया है। उसके पास एडिशनल चार्ज था। जल्द ही इस पद पर समायोजन हो जाएगा। सचिवालय भवन बनने पर कार्यालय की भी दिक्कत नहीं रहेगी।
- रामौतार शर्मा, डीईओ, चरखी दादरी
जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिए प्रयास जारी हैं। धीरे-धीरे जिला का हर प्रकार से विकास करवाया जाएगा। लोगों की हर प्रकार की समस्याओं का समाधान होगा।
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- सोमवीर सांगवान, विधायक, चरखी दादरी
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