चरखी दादरी। आर्यवीर दल की ओर से गांव अटेला नया के पंचायत घर में आयोजित व्यायाम प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन हवन किया गया। इसमें यजमान आयुष योग शिक्षिका सुमन सांगवान और ब्रह्मा आर्यवीर दल के जिला संचालक स्वामी सच्चिदानंद रहे। हवन में सुरेंद्र आर्य भी मौजूद रहे।
स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि जिस प्रकार समुद्र में नाव को चलाने के लिए नाविक होता है वैसे ही इस जीवन रूपी नाव को चलाने के लिए ईश्वर ने हमें बुद्धि दी है। हमें अपनी बुद्धि से सही व गलत का निर्णय कर जीवन रूपी नाव को आगे बढ़ाना चाहिए। किसी भी छोटे-बड़े कार्य को करने से पूर्व अगर हम बुद्धि का प्रयोग नहीं करेंगे तो जीवन लहरों के भरोसे चलने वाली नाव की तरह हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज युवा भौतिकता की चकाचौंध के कारण पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण कर रहे हैं। शराब, नशा व अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में आर्यवीर दल के योगासन प्राणायाम एवं चरित्र निर्माण शिविर युवकों को भारतीय संस्कारों से परिचित कराकर उन्हें भारतीय संस्कृति के दर्शन करा रहे हैं। साथ ही बच्चों को स्वास्थ्य शिक्षा, संस्कृति रक्षा व समाज सेवा के विचार से सिंचित किया जाता है।
शिविर में हिमांशी, भविष्य, प्रयास, निष्ठा, इशिका, प्रीति, नवीन, जतिन, नितेश, रूपेश, रूपेंद्र, खुशी, वर्षा, मुस्कान, रामपति, रीना, मीना, निर्मला, मुन्नी, कलवाती, राशि, जिंदल, अवनि आदि मौजूद रहे।