सतपाल सांगवान पिछले 27 सालों से राजनीति में सक्रिय थे। सांगवान हजकां, कांग्रेस, जजपा और भाजपा से जुड़े। राजनीति कॅरिअर में उन्होंने 6 चुनाव लड़े जिनमें से दो में जीत दर्ज की।
पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल के बुलडोजर दादरी निवासी पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वैसे तो पिछले लंबे समय से वो बीमार चल रहे थे, लेकिन बड़ी बेटी के निधन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। उन्होंने गुरुग्राम के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से दादरी जिले में शोक की लहर है। शाम को पैतृक गांव चंदेनी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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सतपाल सांगवान के बेटे एवं पूर्व जेल अधीक्षक सुनील सांगवान दादरी हलके से विधायक हैं और उन्होंने पहला चुनाव लड़ते हुए परिवार की सत्ता में वापसी कराई है।
बेबाक बोल से छोड़ी लोगों के दिलों पर अमिट छाप
पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान अपने बेबाक बोल के चलते भी चर्चा में रहते थे। उन्होंने जजपा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर रहते हुए दादरी की उपेक्षा पर अपनी ही सरकार को मंच पर संबोधन के दौरान घेरा तो तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के समक्ष भी बेबाही से दादरी की समस्याएं रखीं। वो अपने बेबाक बोल से लोगों के दिलों पर अमित छाप छोड़ गए।
28 जनवरी को बेटी का हुआ था निधन
करीब 30 दिन पहले पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान की बड़ी बेटी उषा कादयान का निधन हुआ था। उस दौरान वो पिता के घर ही आई हुई थीं। तीन संतानों में से बड़ी बेटी के निधन के बाद सतपाल सांगवान की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई है और रविवार शाम उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।